केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह बोले: सरकार के एजेंडे में PoK, अनुच्छेद 370 हटने से पैदा हुई अपनेपन की भावना
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने से जम्मू-कश्मीर के लोगों में अपनेपन की भावना पैदा हुई है और उन्हें देश के बाकी हिस्सों में उनके समकक्षों के बराबर अधिकार मिले हैं।
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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) को वापस हासिल करना और इसे भारत का हिस्सा बनाना सरकार के एजेंडे में है। लंदन में पढ़ने वाले जम्मू-कश्मीर मूल के छात्रों और सामाजिक समूहों के साथ एक बैठक में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद अतीत की उन विसंगतियों को ठीक करने का प्रयास किया गया जो 1947 से लगातार कई सरकारों की विरासत थीं।
आधिकारिक यात्रा पर ब्रिटेन पहुंचे जितेंद्र सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने से जम्मू-कश्मीर के लोगों में अपनेपन की भावना पैदा हुई है और उन्हें देश के बाकी हिस्सों में उनके समकक्षों के बराबर अधिकार मिले हैं। केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद को निरस्त कर दिया था और इसे जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।
कार्मिक राज्य मंत्री ने सरकार के 2019 के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को जम्मू कश्मीर में बसे पाकिस्तानी शरणार्थियों और जम्मू कश्मीर की बेटियों को न्याय दिलाने के लिए याद किया जाएगा जो नागरिकता व संपत्ति के मालिक होने के अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपनाए गए सुधारात्मक उपायों के परिणामस्वरूप भारत का कद विश्व स्तर पर बढ़ा है, और जहां तक जम्मू-कश्मीर के बारे में भारत की स्थिति का संबंध है, उसको लेकर कोई अस्पष्टता नहीं है, वह भारतीय संघ का एक अभिन्न अंग है।
उन्होंने कहा, अगर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने तत्कालीन गृहमंत्री सरदार पटेल को जम्मू-कश्मीर को उसी तरह संभालने की अनुमति दी होती जिस तरह से वह भारत की अन्य रियासतों को संभाल रहे थे, तो आज जम्मू-कश्मीर का जो हिस्सा अवैध रूप से पाकिस्तान ने कब्जा कर रखा है, वह भारत का हिस्सा होता और पीओके का मुद्दा कभी नहीं उठता।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और भाजपा के एजेंडे में अवैध रूप से कब्जाए गए पीओके को पाकिस्तान के नियंत्रण से वापस हासिल करना और इसे भारत में वापस लाना है। सिंह के साथ बातचीत करने वाले विभिन्न समूहों ने उन्हें भारत विरोधी ताकतों के खिलाफ भारतीय मूल के लोगों के समूहों को एकजुट करने के लिए उनके द्वारा हाल ही में की गई गतिविधियों के बारे में बताया। मंत्री ने उनसे कहा कि समय आ गया है कि हम अपना विमर्श बनाएं ताकि हमारे विरोधियों द्वारा गढ़े गए झूठे आख्यानों पर हावी न हो। मंत्री ने उनसे कहा कि समय आ गया है कि हम अपना नैरेटिव बनाएं ताकि हमारे विरोधियों द्वारा गढ़ा गया झूठा नैरेटिव हावी न हो सके।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया भारत के नजरिए को सुनने के लिए तैयार है और यह संदेश कि कोई भी भारत की अखंडता और संप्रभुता को चुनौती नहीं दे सकता या नुकसान नहीं पहुंचा सकता, सभी वर्गों में जोर से और स्पष्ट होना चाहिए। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले और जम्मू कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वाले लोग शामिल थे। बैठक में लंदन में जम्मू और कश्मीर अध्ययन केंद्र शाखा के प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिनका मुख्यालय नई दिल्ली में है। बैठक में जम्मू-कश्मीर के डोगरा समूहों के सदस्य और कश्मीरी पंडित कार्यकर्ता समूहों के सदस्य भी थे।