तमिलनाडु: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन, आतिशबाजी के आरोप में 2000 लोगों पर मामला दर्ज
सुप्रीम कोर्ट के आदेशनुसार राज्य सरकार ने पटाखा फोड़ने के लिए सुबह 6-7 व शाम में 7-8 बजे का समय तय किया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
तमिलनाडु पुलिस ने आतिशबाजी के आरोप में 2000 लोगों पर मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर तय समय के बाद आतिशबाजी की। सुप्रीम कोर्ट के आदेशनुसार राज्य सरकार ने पटाखा फोड़ने के लिए सुबह 6-7 व शाम में 7-8 बजे का समय तय किया था। पुलिस सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि इन मामलों में पटाखों की दुकानों के खिलाफ मामले भी शामिल हैं, जिन्होंने न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करके उत्पादों को बेचा या संग्रहीत किया और अन्य मानदंडों का उल्लंघन किया।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्तूबर को कहा था कि कोई भी उत्सव किसी की जान की कीमत पर नहीं हो सकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि केवल उन्हीं पटाखों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है, जिनमें बेरियम साल्ट होता है। इसके साथ ही अदालत ने कहा कि उत्सव की आड़ में प्रतिबंधित पटाखों को अनुमति नहीं दी जा सकती है। न्यायधीश एमआर शाह और एएस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि किसी भी प्राधिकरण को दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। अदालत ने कहा कि पटाखों पर प्रतिबंध को लागू करने में राज्यों, एजेंसियों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से किसी भी चूक को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा।