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त्रिपुरा विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी BJP, बिना चुनाव जुटाए 6 MLA
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Mon, 07 Aug 2017 09:44 PM IST
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भारतीय जनता पार्टी ने नॉर्थ-ईस्ट के एक और राज्य में भगवा फहराया है। बीजेपी ने बिना चुनाव के ही त्रिपुरा राज्य में मुख्य विपक्षी दल होने का तमगा पा लिया है। यहां टीएमसी से निकाले गए सभी 6 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए और इस तरह से बीजेपी के पास जो एक भी विधायक नहीं थे, वो अब त्रिपुरा की मुख्य विपक्षी पार्टी हो गई है। तीसरी और आखिरी पार्टी के तौर पर कांग्रेस के पास 4 विधायक हैं।
राष्ट्रपति चुनाव में बंगाल, त्रिपुरा के वोटिंग पैटर्न से खुश हैं बीजेपी रणनीतिकार
टीएमसी ने इन 6 विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते सस्पेंड कर दिया था। इनके नाम सुदीप रॉय बर्मन, आशीष कुमार साहा, दीबा चंद्र ह्रंगखावस, बिस्व बंधु सेन, प्रांजित सिंह रॉय और दिलीप सरकार है।
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आपको जानकार आश्चर्य होगा कि साल 2013 में त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव हुए थे। यहां वामदलों ने 60 में से 50 सीटें जीटकर क्लीन स्वीप किया था। और कांग्रेस को 10 सीटें मिली थी, जबकि टीएमसी का खाता भी नहीं खुला था। पर साल 2016 के पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और वामदलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा, जिसके खिलाफ इन 6 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी और टीएमसी का दामन थाम लिया था। पर टीएमसी ने इन सभी विधायकों को हाल ही में पार्टी से निकाल दिया था और ये सभी बीजेपी में आ गए। मौजूदा समय में वामदलों के पास 50 विधायक, कांग्रेस के पास 4 विधायक और अब बीजेपी के पास 6 विधायक हो गए हैं। इस तरह से बीजेपी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
गौरतलब है कि एक निश्चित संख्या से अधिक विधायकों का पार्टी छोड़ना दलबदल कानून के तहत नहीं आता। अगर एक या दो विधायकों ने ऐसा किया होता तो उनकी विधानसभा सदस्यता भी चली जाती। पर कांग्रेस में रहते हुए उसके 60% यानि 6 विधायकों ने विद्रोह किया था। इस तरह वो दलबदल कानून से बाहर रहे और टीएमसी से होते हुए बीजेपी में आ मिले।
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टीएमसी ने इन 6 विधायकों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते सस्पेंड कर दिया था। इनके नाम सुदीप रॉय बर्मन, आशीष कुमार साहा, दीबा चंद्र ह्रंगखावस, बिस्व बंधु सेन, प्रांजित सिंह रॉय और दिलीप सरकार है।
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TMC MLAs from Tripura Sudip Roy Barman, Ashish Kr Saha, Diba Chandra Hrangkhawl, Biswa Bandhu Sen, Pranjit Singh Roy & Dilip Sarkar join BJP
— ANI (@ANI_news) August 7, 2017
आपको जानकार आश्चर्य होगा कि साल 2013 में त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव हुए थे। यहां वामदलों ने 60 में से 50 सीटें जीटकर क्लीन स्वीप किया था। और कांग्रेस को 10 सीटें मिली थी, जबकि टीएमसी का खाता भी नहीं खुला था। पर साल 2016 के पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और वामदलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा, जिसके खिलाफ इन 6 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी थी और टीएमसी का दामन थाम लिया था। पर टीएमसी ने इन सभी विधायकों को हाल ही में पार्टी से निकाल दिया था और ये सभी बीजेपी में आ गए। मौजूदा समय में वामदलों के पास 50 विधायक, कांग्रेस के पास 4 विधायक और अब बीजेपी के पास 6 विधायक हो गए हैं। इस तरह से बीजेपी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
गौरतलब है कि एक निश्चित संख्या से अधिक विधायकों का पार्टी छोड़ना दलबदल कानून के तहत नहीं आता। अगर एक या दो विधायकों ने ऐसा किया होता तो उनकी विधानसभा सदस्यता भी चली जाती। पर कांग्रेस में रहते हुए उसके 60% यानि 6 विधायकों ने विद्रोह किया था। इस तरह वो दलबदल कानून से बाहर रहे और टीएमसी से होते हुए बीजेपी में आ मिले।
कोविंद को वोट देने पर टीएमसी ने किया था बाहर
रामनाथ कोविंद
एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार राम नाथ कोविंद का समर्थन करने की वजह से तृणमूल ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में इन सबको निकाल दिया था। अब अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इन छह विधायकों के अपने खेमे में आने से बीजेपी को मजबूती मिली है। यहां रवींद्र शतवार्षिकी भवन के पास आयोजित एक रैली में इन विधायकों ने औपचारिक रूप से बीजेपी का दामन थाम लिया। बीजेपी यहां कभी कोई सीट नहीं जीत सकी है।
इन विधायकों को तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी में लाने का श्रेय असम के भाजपा नेता और शिक्षा मंत्री हिमंत विश्वशर्मा को जाता है। इससे पहले सुदीप राय बर्मन के नेतृत्व में इन विधायकों ने बीते शनिवार को दिल्ली में भाजपा प्रमुख अमित शाह से मुलाकात की थी। उस मौके पर हिमंत विश्वशर्मा के अलावा प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बिप्लव कुमार देब भी मौजूद थे।
देव ने कहा कि राज्य से कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के कई अन्य नेता भी जल्दी ही बीजेपी में शामिल होंगे।
इन विधायकों को तृणमूल कांग्रेस से बीजेपी में लाने का श्रेय असम के भाजपा नेता और शिक्षा मंत्री हिमंत विश्वशर्मा को जाता है। इससे पहले सुदीप राय बर्मन के नेतृत्व में इन विधायकों ने बीते शनिवार को दिल्ली में भाजपा प्रमुख अमित शाह से मुलाकात की थी। उस मौके पर हिमंत विश्वशर्मा के अलावा प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष बिप्लव कुमार देब भी मौजूद थे।
देव ने कहा कि राज्य से कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के कई अन्य नेता भी जल्दी ही बीजेपी में शामिल होंगे।