फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   TMC MP Kakoli Ghosh has resigned from post of Barasat District President Allegations Leveled Against I-PAC

बंगाल: TMC जिलाध्यक्ष पद छोड़ सांसद काकोली घोष बोलीं- चुनाव आई-पैक के कारण हारे, बदतमीजी करते थे कंपनी के लोग

Mon, 25 May 2026 10:25 PM IST
अमन तिवारी एएनआई, कोलकाता
एएनआई, कोलकाता Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 25 May 2026 10:25 PM IST
सार

टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात जिला अध्यक्ष पद छोड़ दिया है। उन्होंने आई-पैक पर कार्यकर्ताओं से बदतमीजी और हार का आरोप लगाया। वहीं, सौगत रॉय ने इसे अनैतिक बताते हुए कहा कि पद से हटाए जाने की नाराजगी के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है।

विज्ञापन
TMC MP Kakoli Ghosh has resigned from post of Barasat District President Allegations Leveled Against I-PAC
काकोली घोष दस्तीदार - फोटो : फेसबुक/काकोली घोष

विस्तार

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात जिला अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने चुनावी रणनीतिकार कंपनी आई-पैक (I-PAC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। काकोली का कहना है कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान आई-पैक ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया।
विज्ञापन


क्या बोलीं काकोली घोष?
काकोली घोष ने कहा कि आई-पैक के काम करने का तरीका बिल्कुल सही नहीं था और उनके लोग बहुत बदतमीजी से बात करते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यकर्ता कोई नौकर नहीं हैं जिन्हें वेतन मिलता हो, बल्कि वे ममता दीदी और पार्टी के प्रति प्यार की वजह से काम करते हैं। काकोली के अनुसार, आई-पैक का अहंकार इतना बढ़ गया था कि वे खुद को प्रधानमंत्री से भी ऊपर समझने लगे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि आई-पैक एक अलग संस्था है और वह सीधे तौर पर ममता बनर्जी के नियंत्रण में नहीं थी।
विज्ञापन


बारासात लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों में से टीएमसी केवल दो सीटें ही जीत पाई, जबकि भाजपा ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की। बारासात विधानसभा सीट पर टीएमसी के सब्यसाची दत्ता को भाजपा के शंकर चटर्जी ने हराया। काकोली ने इस हार के लिए आई-पैक की गलत कार्यप्रणाली और अनुभव की कमी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ नाराजगी और मतदाता सूची में गड़बड़ी (SIR) की वजह से लाखों वोटरों के नाम कट गए, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: देश के कई हिस्सों में प्रचंड गर्मी: तेलंगाना के जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी; दिल्ली में बिजली की मांग बढ़ी


काकोली ने बताया कि उन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया है क्योंकि एक अध्यक्ष के तौर पर हार की जिम्मेदारी उनकी बनती है। 2026 के चुनावों में टीएमसी केवल 80 सीटों पर सिमट गई, जिससे ममता बनर्जी का 15 साल का शासन खत्म हो गया।

सौगत रॉय ने काकोली के इस कदम को अनैतिक बताया
दूसरी ओर, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने काकोली के इस कदम को अनैतिक बताया है। रॉय का कहना है कि काकोली को टीएमसी संसदीय दल के मुख्य सचेतक (Chief Whip) के पद से हटा दिया गया था, इसलिए वे नाराज हैं। उन्होंने कहा कि जब पार्टी मुश्किल में हो, तब ऐसा कदम उठाना ठीक नहीं है और काकोली को जनता को इसका जवाब देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed