टीएमसी ने प्रवासी मजदूर संकट के लिए केंद्र को दोषी ठहराया, कहा- पीएम केयर फंड, डू नॉट केयर फंड में बदला

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Updated Wed, 06 May 2020 05:30 PM IST
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तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन
तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन - फोटो : ANI

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तृणमूल कांग्रेस ने बुधवार को देश में प्रवासी मजदूर संकट के लिए केंद्र सरकार की दूरदर्शिता की कमी को जिम्मेदार ठहराया और पूछा कि पीएम केयर्स फंड का उपयोग उनके घर की यात्रा के वित्तपोषण के लिए क्यों नहीं किया जा रहा है। दूसरी ओर राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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मजदूर संकट पर पार्टी ने कहा कि यह निंदनीय है कि प्रवासी मजदूर, जो 40 दिनों से अधिक समय से भूखे मर रहे हैं उनसे टिकट का पैसा का लिया जा रहा है। ऐसा कथित तौर पर कहा जा रहा है।
पीएम केयर फंड अब पीएम डू नॉट केयर फंड में बदल गया है। फंड का पैसा कहां जा रहा है? मजदूरों की वापसी के लिए इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है? टीएमसी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ ब्रायन ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि प्रवासी मजदूरों के बारे में केंद्र परेशान नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना केंद्र का दायित्व है कि ये श्रमिक सुरक्षित रूप से घर लौट सकें। राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता ने कहा कि ऐसे आरोप हैं कि जो मजदूर पिछले 42 दिनों से वाकई भूख से बेहाल हैं, उन्हें वापसी के वास्ते टिकट लेने के लिए पैसा देना पड़ा। यह निंदनीय है।

कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए 25 मार्च से लागू किए गए लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न हिस्सों में हजारों प्रवासी श्रमिक फंस गए। इन मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के विभिन्न राज्यों के अनुरोध पर रेलवे ने एक मई से 115 ट्रेनें चलाई है और एक लाख से अधिक श्रमिकों को उनके मूल स्थानों पर पहुंचाया है।

विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर ट्रेन यात्रा के लिए श्रमिकों से पैसा लेने का आरोप लगाया। लेकिन सरकार ने कहा कि किराए का 85 फीसद हिस्सा वह और 15 फीसद हिस्सा राज्य सरकारें वहन कर रही हैं। तृणमूल नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने इस मामले में केंद्र सरकार पर सही से प्रबंध नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र के पास दूरदृष्टि नहीं होने के कारण देशभर में श्रमिक ऐसा संकट झेल रहे हैं।

 बंगाल में कोविड-19 संक्रमण से चार और लोगों की मौत
पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमण के कारण चार लोगों की मौत हो जाने के साथ ही राज्य में इस इस घातक वायरस से संक्रमित होने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 72 हो गई है।

राज्य के गृह सचिव अल्पन बंदोपाध्याय ने बुधवार को बताया कि इन मरीजों की मौत का प्रत्यक्ष कारण कोविड-19 था। उन्होंने बताया कि 72 अन्य लोगों ने विभिन्न अन्य बीमारियों के कारण दम तोड़ दिया और कोरोना वायरस संक्रमण उनमें इन बीमारियों के परिणामस्वरूप हुआ।

बंदोपाध्याय ने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 112 नए मामले सामने आए हैं और राज्य में इस वायरस से संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर अब 1,047 हो गई है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 संक्रमण संबंधी जांच के लिए इस अवधि में 2,570 मामलों की जांच की गई। राज्य में अब तक कुल 27,571 नमूनों की जांच की जा चुकी है।




 
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