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Tirupati laddu row: कौन हैं एआर डेयरी फूड के मालिक? जिनके बनाए घी में जानवरों की चर्बी होने के लगे हैं आरोप
Sat, 21 Sep 2024 01:39 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 21 Sep 2024 01:39 PM IST
सार
एआर डेयरी प्राइवेट लिमिटेड तमिलनाडु स्थित कंपनी है और इसकी शुरुआत साल 1995 में हुई थी। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, इसके तीन निदेशक हैं, जिनमें राजशेखरन आर, सूर्या प्रभु आर और श्रीनिवासन एसआर का नाम शामिल है।
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एआर डेयरी, जिसके घी को लेकर लगे हैं आरोप
- फोटो : एएनआई
विस्तार
तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसाद को लेकर जारी विवाद में एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड का नाम सामने आया है। दरअसल इसी कंपनी द्वारा तिरुपति मंदिर को घी की सप्लाई की जाती थी, जिससे प्रसाद के लड्डू बनाए जाते थे। आरोप है कि घी की गुणवत्ता अच्छी नहीं थी और उसमें जानवरों की चर्बी की मिलावट पाई गई है। हालांकि कंपनी ने इन आरोपों को खारिज किया है।
कंपनी ने आरोपों को किया खारिज
एआर डेयरी प्राइवेट लिमिटेड तमिलनाडु स्थित कंपनी है और इसकी शुरुआत साल 1995 में हुई थी। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, इसके तीन निदेशक हैं, जिनमें राजशेखरन आर, सूर्या प्रभु आर और श्रीनिवासन एसआर का नाम शामिल है। कंपनी डिंडीगुल में स्थित है और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने जून और जुलाई में तिरुपति मंदिर का प्रशासन करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड को सिर्फ दूध की सप्लाई की थी। कंपनी के एक निदेशक राजशेखरन आर का दावा है कि 'उनके घी में जानवर की चर्बी होने का सवाल ही नहीं है। हम घी बनाने में सिर्फ गाय के दूध का इस्तेमाल करते हैं। हमारा घी के हर बैच का परीक्षण किया जाता है और हमारे पास इसकी लैब रिपोर्ट भी है। पूरी जांच के बाद ही हम घी की सप्लाई करते हैं।'
केंद्र सरकार ने मांगी रिपोर्ट
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में पूर्व की जगन मोहन सरकार पर आरोप लगाया था कि उनकी सरकार में तिरुपति मंदिर का प्रसाद बनाने के लिए मिलावटी घी का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि जिस घी का इस्तेमाल प्रसाद के लड्डू बनाने में किया गया उसमें जांच में जानवर की चर्बी पाई गई है। चंद्रबाबू नायडू के आरोपों के बाद इस मुद्दे पर काफी हंगामा हो रहा है। पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने आरोपों से इनकार किया है। वहीं केंद्र सरकार भी इस मामले में कूद गई है और सरकार ने मामले की जांच कराने का फैसला किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी सीएम चंद्रबाबू नायडू से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
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कंपनी ने आरोपों को किया खारिज
एआर डेयरी प्राइवेट लिमिटेड तमिलनाडु स्थित कंपनी है और इसकी शुरुआत साल 1995 में हुई थी। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, इसके तीन निदेशक हैं, जिनमें राजशेखरन आर, सूर्या प्रभु आर और श्रीनिवासन एसआर का नाम शामिल है। कंपनी डिंडीगुल में स्थित है और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने जून और जुलाई में तिरुपति मंदिर का प्रशासन करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड को सिर्फ दूध की सप्लाई की थी। कंपनी के एक निदेशक राजशेखरन आर का दावा है कि 'उनके घी में जानवर की चर्बी होने का सवाल ही नहीं है। हम घी बनाने में सिर्फ गाय के दूध का इस्तेमाल करते हैं। हमारा घी के हर बैच का परीक्षण किया जाता है और हमारे पास इसकी लैब रिपोर्ट भी है। पूरी जांच के बाद ही हम घी की सप्लाई करते हैं।'
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#WATCH | Tamil Nadu: Visuals from AR Dairy Foods in Dindigul that had supplied ghee for laddu prasadam at Tirupati in Andhra Pradesh, which is now at the centre of a controversy.
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Centre's and State's Food Safety Department officers are inspecting the food factory here. pic.twitter.com/9bodFqwjZG — ANI (@ANI) September 21, 2024
केंद्र सरकार ने मांगी रिपोर्ट
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में पूर्व की जगन मोहन सरकार पर आरोप लगाया था कि उनकी सरकार में तिरुपति मंदिर का प्रसाद बनाने के लिए मिलावटी घी का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि जिस घी का इस्तेमाल प्रसाद के लड्डू बनाने में किया गया उसमें जांच में जानवर की चर्बी पाई गई है। चंद्रबाबू नायडू के आरोपों के बाद इस मुद्दे पर काफी हंगामा हो रहा है। पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने आरोपों से इनकार किया है। वहीं केंद्र सरकार भी इस मामले में कूद गई है और सरकार ने मामले की जांच कराने का फैसला किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी सीएम चंद्रबाबू नायडू से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।