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Tirupati Laddu row: 'घी सप्लायर ने जांच नहीं होने का फायदा उठाया'; मंदिर प्रशासन लड्डू विवाद पर पहली बार बोला

Fri, 20 Sep 2024 04:24 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुपति
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुपति Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 20 Sep 2024 04:24 PM IST
सार

Tirupati Laddu row: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने शुक्रवार को कहा कि घी आपूर्ति करने वालों ने मंदिर प्रशासन के पास अंतरिक जांच सुविधा की कमी का फायदा उठाया है। 

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Tirumala Tirupati Devasthanams says ghee suppliers took advantage of lack of in-house testing facility
तिरुपति लड्डू विवाद - फोटो : ANI

विस्तार

तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद को लेकर लगातार विवाद गहराता जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा इस मामले की जांच करने की बात कही गई है।  अब इस मामले पर तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की प्रतिक्रिया सामने आई है।  तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने शुक्रवार को कहा कि घी आपूर्ति करने वालों ने मंदिर प्रशासन के पास अंतरिक जांच सुविधा की कमी का फायदा उठाया है। उनके खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 
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'सीएम नायडू ने प्रसादम को लेकर चिंता जताई थी'
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) की कार्यकारी अधिकारी श्यामला राव ने इस मामले पर कहा कि, जब मैंने टीटीडी की कार्यकारी अधिकारी का पदभार संभाला था, तो मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने खरीदे गए घी और लड्डू की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की थी। जिसे बहुत पवित्र माना जाता है और भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को 'प्रसादम' के रूप में चढ़ाया जाता है। वह चाहते थे कि मैं यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाऊं कि इस मंदिर की पवित्रता बहाल हो। जिसमें गाय के दूध का शुद्ध घी शामिल है। हमने इस पर मामले पर काम करना शुरू किया है। तब हमने पाया कि हमारे पास घी में मिलावट की जांच करने के लिए कोई आंतरिक प्रयोगशाला नहीं है। बाहरी प्रयोगशालाओं में भी घी की गुणवत्ता की जांच करने की कोई व्यवस्था नहीं है। 
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हमने सैंपल लेकर टेस्टिंग के लिए भेजे थे- टीटीडी
उन्होंने कहा कि, इसके अलावा घी सप्लाई करने वाले ठेकेदार की कीमतें भी अव्यवहारिक थीं। वे इतनी कम हैं कि कोई भी कह सकता है कि शुद्ध गाय का घी इतने कम पैसों से नहीं खरीदा जा सकता है। हमने सभी आपूर्तिकर्ताओं को चेतावनी दी, कि यदि आपूर्ति किया गया घी प्रयोगशाला परीक्षण में पास नहीं हुआ तो उन्हें ब्लैक लिस्ट में डाल दिया जाएगा। हमने सभी नमूने एकत्र किए और इसे टेस्टिंग के लिए भेज दिया। सरकार की यह सर्वोत्तम प्रयोगशाला है और यह पूर्ण तौर पर सरकार द्वारा नियंत्रित है। जांच के बाद जो रिपोर्टें सामने आईं, वह चौंकाने वाली हैं। 
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टीटीडी के कार्यकारी अधिकारी श्यामला राव ने कहा कि प्रयोगशाला परीक्षणों में नमूनों में पशु चर्बी की मौजूदगी का पता चला है। उन्होंने कहा, टेस्टिंग के भेजे गए चारों नमूनों की रिपोर्ट में एक जैसे नतीजे आए। इसलिए हमने तुरंत घी की आपूर्ति को रोक दिया है। ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जुर्माना लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इसके अलावा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। 
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