{"_id":"61af3ae0d2efa7220c00c545","slug":"tinka-tinka-india-awards-2021-16-prisoners-and-two-jail-officials-selected-for-the-award","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स-2021 घोषित: करनाल की सोनिया चौधरी व इंदौर की पलक पुराणिक को बंदिनी पुरस्कार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स-2021 घोषित: करनाल की सोनिया चौधरी व इंदौर की पलक पुराणिक को बंदिनी पुरस्कार
Tue, 07 Dec 2021 04:13 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 07 Dec 2021 04:13 PM IST
सार
अवॉर्ड्स के लिए इस वर्ष का विषय था- 'जेल में टेलीफोन'। दो बंदियों को 'विशेष तिनका तिनका बंदिनी पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा। सबसे युवा पुरस्कृत बंदी 25 साल और सबसे बुज़ुर्ग 64 साल का।
विज्ञापन
TINKA TINKA INDIA AWARDS-2021
- फोटो : amar ujala
विस्तार
हर साल 10 दिसंबर को मनाए जाने वाले मानवाधिकार दिवस के लिए तिनका तिनका अवॉर्ड्स इंडिया-2021 की घोषणा की गई है। बंदियों और कर्मचारियों के लिए स्थापित इन इकलौते पुरस्कारों का यह सातवां वर्ष है। जेल सुधारक वर्तिका नन्दा इन पुरस्कारों की स्थापना की है।
विज्ञापन
इस वर्ष तीन श्रेणियां थीं- पेंटिंग, विशेष उल्लेख और जेल प्रशासन। 12 बंदियों को पेंटिंग श्रेणी में पुरस्कार मिला है जबकि दो बंदियों को जेल जीवन में उनके विशेष योगदान के लिए चुना गया है। दो जेल कर्मचारियों को उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया जा रहा है।
विज्ञापन
जूरी में सुधीर यादव, आईपीएस (सेवानिवृत्त) और पूर्व डीजी, दिल्ली जेल, अरुण कुमार गुप्ता, आईपीएस (सेवानिवृत्त), पूर्व डीजी, पश्चिम बंगाल, जेल और डॉ. वर्तिका नन्दा संस्थापक, तिनका तिनका फाउंडेशन शामिल थे। अवॉर्ड्स के लिए इस वर्ष का विषय था- 'जेल में टेलीफोन'। दो बंदियों को 'विशेष तिनका तिनका बंदिनी पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा। सबसे युवा पुरस्कृत बंदी 25 साल और सबसे बुज़ुर्ग 64 साल का। पुरस्कार अरविंद कुमार, महानिदेशक मध्य प्रदेश जेल और सुधारात्मक सेवाएं देंगे।
विज्ञापन
पेंटिंग श्रेणी में इन्हें मिले पुरस्कार
पेंटिंग श्रेणी में पहला पुरस्कार सेंट्रल जेल अहमदाबाद में बंद मनीष बाबूभाई परमार (46) और उत्तर प्रदेश की रायबरेली की जिला जेल में बंद शिव मोहन सिंह (64) को संयुक्त तौर पर दिया जाएगा। दूसरा पुरस्कार सेंट्रल जेल, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में रविशंकर और महाराष्ट्र के ठाणे के सेंट्रल जेल में निरुद्ध तौकीर हसन खान (53) ने साझा किया है। तमिलनाडु की सेंट्रल जेल, कोयंबटूर के बन्दी प्रभु (42) ने पेंटिंग श्रेणी में तीसरा पुरस्कार हासिल किया है।
पेंटिंग में सांत्वना पुरस्कार
पेंटिग श्रेणी में सांत्वना पुरस्कार सात बंदियों को दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की सेंट्रल जेल में निरुद्ध 35 वर्षीय शत्रुहन और रमेश पटेल (30) को सांत्वना पुरस्कार मिला है। दोनों 10 साल से ज्यादा समय जेल में बिता चुके हैं। मध्य प्रदेश की सेंट्रल जेल, भोपाल से सैयद अथर अली (43) और सेंट्रल जेल, सतना से रूपेंद्र मिश्रा (36) को भी सांत्वना पुरस्कार मिला है। जिला जेल, करनाल, हरियाणा से उत्तम आनंद (44), लाजपुर सेंट्रल जेल, सूरत, गुजरात से जितेंद्र मेवालाल मौर्य (35) और सेंट्रल जेल नंबर 8 और 9, तिहाड़ दिल्ली से मनीष (26) को भी पुरस्कार दिया जा रहा है।
विशेष उल्लेख श्रेणी में दो बंदियोंं को पुरस्कार
विशेष उल्लेख श्रेणी में दो बंदियोंं को पुरस्कृत किया जा रहा है। गुजरात के राजपीपला के जिला जेल के 37 वर्षीय आशीष कपिलभाई नंदा को बंदियों के टेलीफोन कॉल से संबंधित काम करने, डेटाबेस और रजिस्टर की व्यवस्था करने लिए चुना गया है। आशीष उम्रकैद की सज़ा काट रहा है और 15 साल जेल में बिता चुका है। महाराष्ट्र के नासिक के सेंट्रल जेल में बंद 53 वर्षीय रजनीश मोहनलाल ठाकुर जेल में टेलीफोन से जुड़ा काम करते हैं। महामारी के दौरान 1700 से अधिक बंदियों को कॉल करने की अनुमति दी गई थी। संपूर्ण डेटा और कंप्यूटर प्रोग्राम रजनीश द्वारा तैयार किया गया। वे जेल में काम कर रहे पैरा लीगल वालंटियर्स (पीएलवी) में से भी एक हैं। वे सभी बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराने मैं मदद करते हैं।
दो को तिनका तिनका बंदिनी पुरस्कार
दो बंदियों को तिनका तिनका बंदिनी पुरस्कार दिया जा रहा है। जिला जेल, करनाल, हरियाणा से 39 वर्षीय सोनिया चौधरी को जेल रेडियो के संचालन, तिनका तिनका जेल रिसर्च सेल के ज़रिये जेल के टेलीफोन और जेल रेडियो पर शोध, जेल की ज़िंदगी को रंगों और साहित्य के जरिए सहजने के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। वे जेल में 21 साल गुजार चुकी हैं । 2004 में उनकी फांसी की सजा को अंतिम सांस तक कारावास में तब्दील कर दिया गया था। उन्होंने जेल में अपने काम से साथी महिला बंदियों को हौसला दिया है।
25 वर्षीय पलक पुराणिक जिला जेल, इंदौर, मध्य प्रदेश में बंदी हैं। वे जनवरी 2019 से जेल में हैं । चूंकि जेल में महिला बंदियों के लिए कोई पैरामेडिक स्टाफ उपलब्ध नहीं है, इसलिए उन्होंने नर्स / कंपाउंडर के रूप में उनकी सेवा करने की जिम्मेदारी ली। पलक के पूर्व के नर्सिंग के ज्ञान के कारण वे पिछले 2 वर्षों में अन्य महिला कैदियों के लिए एक बड़ी मदद थीं, खासकर कोविड -19 के दौरान।
दो जेल कर्मियों का चयन
जेल में विशेष कार्य के लिए इस साल भारतभर से दो जेलकर्मियों को चुना गया है। इस वर्ष जय किशन छिल्लर (57) अधीक्षक, जिला जेल फरीदाबाद को जेल टेलीफोन, जेल रेडियो और इग्नू के जरिए शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है। महाराष्ट्र के नासिक रोड सेंट्रल जेल के 53 वर्षीय अशोक शिवराम करकरे, जेलर ग्रेड-1 को यह सम्मान जेल विभाग के लिए उनकी विशेष सेवाओं के लिए दिया जा रहा है। कोविड-19 के दौरान बंदियों को कोरोना से बचाने के लिए वे लगातार तीन महीने तक जेल में ही रहे। अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने सफलतापूर्वक जेल में अनेक दुर्दांत अपराधियों और आंतकवादियों को परिरोध का प्रबंधन किया। इनमें अबू सलेम, अरुण गवली और छोटा राजन जैसे अपराधी और याकूब मेनन, अजमल कसाब जैसे आतंकवादी शामिल हैं।
पृष्ठभूमि: तिनका तिनका फाउंडेशन ने 2015 में जेलों के लिए दो राष्ट्रीय पुरस्कारों- तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स और तिनका तिनका बंदिनी अवॉर्ड्स की स्थापना की थी। ये एकमात्र पुरस्कार हैं जो पूरी तरह से बंदियों और जेल कर्मचारियों को समर्पित हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से जेलों में रचनात्मकता और उनके योगदान का सम्मान किया जाता है। इन पुरस्कारों का यह सातवां साल है।
वर्तिका नन्दा के बारे में: डॉ. वर्तिका नन्दा एक जेल सुधारक और मीडिया शिक्षिका हैं। उन्होंने तिनका तिनका के बैनर तले भारत में जेल सुधारों पर एक आंदोलन शुरू किया है।