अमेरिकी राजदूत के डिनर में तिब्बती पीएम के शामिल होने से भड़का चीन
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नई दिल्ली में अमेरिका के पूर्व राजदूत रिचर्ड वर्मा की ओर से आयोजित रात्रिभोज में निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री की मौजूदगी ड्रैगन को नागवार गुजरी है। अमेरिकी राजदूत के इस कदम से चीन बौखला गया है। शनिवार को चीन ने कहा कि तिब्बत मामले का इस्तेमाल करके आंतरिक मामले में किसी भी देश का हस्तक्षेप कतई बर्दाश्त नहीं है। वह इसका पूरी तरह विरोध करता है। इस रात्रिभोज में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने भी शिरकत किया था।
दरअसल, 15 जनवरी को रिचर्ड वर्मा ने भारत आए अपने दोस्त एवं हॉलीवुड अभिनेता रिचर्ड गेरे के सम्मान में रात्रिभोज आयोजित किया था, जिसमें निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री लोबसंग सांग्ये भी मौजूद रहे। एक सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘दुनिया के किसी भी देश ने निर्वासित तिब्बत सरकार को मान्यता नहीं दी है। लिहाजा हम किसी भी देश के साथ इस तरह के आधिकारिक संपर्क के पूरी तरह खिलाफ हैं।’
रात्रिभोज में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू भी थे शामिल
मंत्रालय ने कहा, ‘हम तिब्बत मसले की आड़ में चीन के आंतरिक मामले में किसी देश के हस्तक्षेप का विरोध करते हैं।’ डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति पद संभालने से पहले रिचर्ड वर्मा की ओर से आयोजित निजी रात्रिभोज की जानकारी को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सार्वजनिक किया था।
उन्होंने ट्वीट कर अमेरिकी राजदूत का शुक्रिया अदा किया था। उनकी ओर से पोस्ट की गई तस्वीरों में रिचर्ड वर्मा, तिब्बत के प्रधानमंत्री समेत अन्य अमेरिकी राजदूत नजर आ रहे हैं। मालूम हो कि चीन तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के दौरे और उनसे संपर्क का अक्सर विरोध करता रहता है।