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Karnataka: मांड्या में भगवान गणेश की शोभायात्रा के दौरान झड़प मामले में तीन और गिरफ्तार, एक पुलिसकर्मी निलंबित
Fri, 13 Sep 2024 12:52 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 13 Sep 2024 12:52 PM IST
सार
हत्या की साजिश, लोक सेवकों के काम में बाधा डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इलाके में पथराव के कारण दो पुलिसकर्मियों समेत कुछ लोग घायल भी हुए। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
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कर्नाटक
- फोटो : PTI
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विस्तार
कर्नाटक में भगवान गणेश की मूर्ति के जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच हुई झड़प के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में एक पुलिस इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया गया। मांड्या जिले में बुधवार को हुई झड़प के दो दिन बाद स्थिति सामान्य हो गई है। इस झड़प में दुकानों और वाहनों को निशाना बनाया गया था, जिससे इलाके में तनाव पैदा हो गया। हालांकि, शहर में स्थिति फिलहाल शांत है। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही 14 सितंबर तक क्षेत्र में चार से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने वाली निषेधाज्ञा भी लागू कर दी गई है।
मांड्या में नियंत्रण में स्थिति
इन तीन लोगों की गिरफ्तारी के साथ अब तक इस मामले में 55 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गुरुवार को सबूत इकट्ठा करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के विशेषज्ञों की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया। मांड्या के पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बालदंडी ने कहा, "फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और अबतक इस मामले में 52 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हमने इस मामले में और तीन लोगों को पकड़ा। हमने अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किए और निषेधाज्ञा भी लागू कर दी है।"
भगवान गणेश की मूर्ति के जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच हुई थी बहस
हत्या की साजिश, लोक सेवकों के काम में बाधा डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इलाके में पथराव के कारण दो पुलिसकर्मियों समेत कुछ लोग घायल भी हुए। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस के अनुसार, भगवान गणेश की मूर्ति के जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच बहस शुरू हुई थी। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया, जिससे इलाके में अशांति फैल गई। दो गुटों के बीच इस झड़प के बाद कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की गई। बुधवार की रात को कुछ वाहनों में आग लगा दी गई।
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स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल का प्रयोग किया। जुलूस निकाल रहे युवाओं के समूह ने हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन के पास विरोध प्रदर्शन किया।
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मांड्या में नियंत्रण में स्थिति
इन तीन लोगों की गिरफ्तारी के साथ अब तक इस मामले में 55 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गुरुवार को सबूत इकट्ठा करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के विशेषज्ञों की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया। मांड्या के पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बालदंडी ने कहा, "फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है और अबतक इस मामले में 52 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हमने इस मामले में और तीन लोगों को पकड़ा। हमने अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किए और निषेधाज्ञा भी लागू कर दी है।"
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भगवान गणेश की मूर्ति के जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच हुई थी बहस
हत्या की साजिश, लोक सेवकों के काम में बाधा डालने, सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट करने और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इलाके में पथराव के कारण दो पुलिसकर्मियों समेत कुछ लोग घायल भी हुए। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस के अनुसार, भगवान गणेश की मूर्ति के जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच बहस शुरू हुई थी। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया, जिससे इलाके में अशांति फैल गई। दो गुटों के बीच इस झड़प के बाद कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की गई। बुधवार की रात को कुछ वाहनों में आग लगा दी गई।
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स्थिति को नियंत्रित करने और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल का प्रयोग किया। जुलूस निकाल रहे युवाओं के समूह ने हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पुलिस स्टेशन के पास विरोध प्रदर्शन किया।