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विदेशी पशु-पक्षी रखने वालों के लिए अच्छी खबर, सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये निर्देश
Sat, 21 Nov 2020 05:26 AM IST
Jeet Kumar
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली।
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 21 Nov 2020 05:26 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विदेशी पशु-पक्षी पालने या रखने वालों के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि विदेशी पशु-पक्षी रखने वाले अगर दिसंबर तक जानकारी सार्वजनिक कर देते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चलेगा।
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कोेर्ट ने केंद्र के उस शासनादेश पर मुहर लगा दी जिसमें विदेशी पशु और पक्षियों को रखने वालों या उनके मालिकों को अभियोजन से संरक्षण देने की बात है। ऐसा तभी संभव है जब वे आम माफी योजना में खुलासा करते हैं।
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चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें कहा गया था कि उन लोगों के खिलाफ मुकदमा नहीं चल सकता जो आम माफी योजना के तहत जून से दिसंबर के बीच विदेशी वन्यजीव प्रजातियों के अधिग्रहण या कब्जे का खुलासा कर दें।
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पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए इस संबंध में दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश इस मायने में अहम है क्योंकि इससे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा घोषित स्वैच्छिक प्रकटीकरण योजना का सकारात्मक परिणाम दिख सकता है।
ऐसे लोगों के खिलाफ जांच की मांग की गई थी
दिनेश चंद्र नामक व्यक्ति ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर मांग की थी कि आम माफी योजना के तहत जो विदेशी पशु-पक्षी होने का खुलासा करते हैं उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए, भले उन लोगों ने आम माफी योजना के तहत ही जानकारी दी हो। अवैध कब्जे व तस्करी आदि पहलुओं की जांच होनी चाहिए। दिल्ली और राजस्थान हाईकोर्ट में भी ऐसा मामला आया था, जहां याचिकाएं खारिज हो गई थीं। पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की आम माफी योजना पर मुहर लगाई है।