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Flu: सालाना 1 अरब से अधिक लोगों को प्रभावित करता है ये फ्लू, 30 से 50 लाख लोग करते हैं गंभीर स्थिति का सामना
Wed, 05 Mar 2025 09:40 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 05 Mar 2025 09:40 PM IST
सार
FLU: कामकाजी पेशेवर लोगों को फ्लू का विशेष जोखिम रहता है। चाहे आप किसी शहर के ऑफिस में काम करते हों या किसी छोटे-से कस्बे के कारखाने में कर्मचारी हों, फ्लू आपकी घरेलू और कामकाजी जिन्दगी पर असर डाल सकता है।
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फ्लू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हर साल फ्लू से दुनियाभर में करोड़ों लोग प्रभावित होते हैं। सालाना एक अरब से अधिक मामलों में करीब 30 से 50 लाख बेहद गंभीर होते हैं। इसे सिर्फ एक मौसमी परेशानी समझ लेना गलत होगा। फ्लू को अक्सर आम सर्दी-जुकाम मान लिया जाता है, लेकिन यह आपकी रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज दोनों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। फ्लू से बचाव का सबसे असरदार तरीका है टीका लगवाना। कई लोग जानकारी की कमी या गलतफहमियों के कारण वैक्सीन नहीं लगवाते हैं।
कामकाजी पेशेवर लोगों को फ्लू का विशेष जोखिम रहता है। चाहे आप किसी शहर के ऑफिस में काम करते हों या किसी छोटे-से कस्बे के कारखाने में कर्मचारी हों, फ्लू आपकी घरेलू और कामकाजी जिन्दगी पर असर डाल सकता है। कई लोग बीमार होने के बावजूद काम पर जाते हैं और ऐसे में उनकी उत्पादकता कम होती है तथा दूसरों को भी फ्लू हो जाता है। इसके अलावा, डॉक्टर के पास जाने, दवाओं और संभावित रूप से अस्पताल में भर्ती होने पर खर्चा बढ़ेगा ही।
एबॉट इंडिया के मेडिकल डायरेक्टर, डॉ. जेजॉय करनकुमार ने कहा, फ्लू आपके कामकाज की उत्पादकता को प्रभावित कर सकता है। भारत में पहले से ही संक्रमण से जुड़ी बीमारियों का दबाव हमारी स्वास्थ्य प्रणाली पर है। ऐसे में फ्लू के टीकाकरण को लेकर जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है। वैक्सीन आपके शरीर को फ्लू से लड़ने की ताकत देती है। यह केवल आपकी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के स्वास्थ्य को बचाने का एक प्रभावी तरीका है, जिससे आर्थिक और सामाजिक नुकसान भी कम हो सकता है। भारत में फ्लू का टीका लगवाने की स्थिति अब भी शुरूआती अवस्थाओं मे हैं, लेकिन जागरूकता के बढ़ने से ज्यादा लोग इसकी सुरक्षा का लाभ ले सकते हैं।
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मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली में रेस्पिरेटरी और क्रिटिकल केयर विभाग के प्रमुख, डॉ. विवेक नांगिया कहते हैं, फ्लू से बचने के लिए टीका लगवाना सबसे अच्छा तरीका है। यह वैक्सीन न केवल सुरक्षित और असरदार है, बल्कि हर साल इसे नए वायरस के अनुरूप अपडेट किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन फ्लू के नए वायरस पर नजर रखता है और साल में दो बार वैक्सीन को अपडेट करता है। सिर्फ एक सालाना टीका फ्लू की गंभीरता को बहुत हद तक कम कर सकता है और निमोनिया जैसी बीमारी की जटिलताओं से बचा सकता है। वैक्सीन न सिर्फ आपको बल्कि आपके आसपास के लोगों को भी सुरक्षित रखती है।
भारत में फ्लू के सबसे आम वायरस है सबटाइप A(H1N1) और A(H3N2)। फ्लू सर्दियों और मानसून में सबसे आम होता है और संक्रमित लोगों के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकलने वाली बूंदों से फैलता है। कामकाज के दौरान स्वस्थ रहने के लिये अपने हाथ नियमित रूप से धोयें और खांसने या छीकने के वक्त अपने मुँह तथा नाक को ढंकें। अगर आप बीमारी का अनुभव कर रहे हैं, तो फ्लू का फैलना रोकने के लिये अपने घर से ही आराम करना सबसे बढि़या रहेगा। अपने कामकाज की जगह पर सेहतमंद आदतों को अपनाकर और हर साल टीका लगवाकर आप खुद को और अपने इर्द-गिर्द के लोगों को फ्लू से बचा सकते हैं।
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कामकाजी पेशेवर लोगों को फ्लू का विशेष जोखिम रहता है। चाहे आप किसी शहर के ऑफिस में काम करते हों या किसी छोटे-से कस्बे के कारखाने में कर्मचारी हों, फ्लू आपकी घरेलू और कामकाजी जिन्दगी पर असर डाल सकता है। कई लोग बीमार होने के बावजूद काम पर जाते हैं और ऐसे में उनकी उत्पादकता कम होती है तथा दूसरों को भी फ्लू हो जाता है। इसके अलावा, डॉक्टर के पास जाने, दवाओं और संभावित रूप से अस्पताल में भर्ती होने पर खर्चा बढ़ेगा ही।
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एबॉट इंडिया के मेडिकल डायरेक्टर, डॉ. जेजॉय करनकुमार ने कहा, फ्लू आपके कामकाज की उत्पादकता को प्रभावित कर सकता है। भारत में पहले से ही संक्रमण से जुड़ी बीमारियों का दबाव हमारी स्वास्थ्य प्रणाली पर है। ऐसे में फ्लू के टीकाकरण को लेकर जागरूकता फैलाना बहुत जरूरी है। वैक्सीन आपके शरीर को फ्लू से लड़ने की ताकत देती है। यह केवल आपकी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के स्वास्थ्य को बचाने का एक प्रभावी तरीका है, जिससे आर्थिक और सामाजिक नुकसान भी कम हो सकता है। भारत में फ्लू का टीका लगवाने की स्थिति अब भी शुरूआती अवस्थाओं मे हैं, लेकिन जागरूकता के बढ़ने से ज्यादा लोग इसकी सुरक्षा का लाभ ले सकते हैं।
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मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली में रेस्पिरेटरी और क्रिटिकल केयर विभाग के प्रमुख, डॉ. विवेक नांगिया कहते हैं, फ्लू से बचने के लिए टीका लगवाना सबसे अच्छा तरीका है। यह वैक्सीन न केवल सुरक्षित और असरदार है, बल्कि हर साल इसे नए वायरस के अनुरूप अपडेट किया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन फ्लू के नए वायरस पर नजर रखता है और साल में दो बार वैक्सीन को अपडेट करता है। सिर्फ एक सालाना टीका फ्लू की गंभीरता को बहुत हद तक कम कर सकता है और निमोनिया जैसी बीमारी की जटिलताओं से बचा सकता है। वैक्सीन न सिर्फ आपको बल्कि आपके आसपास के लोगों को भी सुरक्षित रखती है।
भारत में फ्लू के सबसे आम वायरस है सबटाइप A(H1N1) और A(H3N2)। फ्लू सर्दियों और मानसून में सबसे आम होता है और संक्रमित लोगों के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकलने वाली बूंदों से फैलता है। कामकाज के दौरान स्वस्थ रहने के लिये अपने हाथ नियमित रूप से धोयें और खांसने या छीकने के वक्त अपने मुँह तथा नाक को ढंकें। अगर आप बीमारी का अनुभव कर रहे हैं, तो फ्लू का फैलना रोकने के लिये अपने घर से ही आराम करना सबसे बढि़या रहेगा। अपने कामकाज की जगह पर सेहतमंद आदतों को अपनाकर और हर साल टीका लगवाकर आप खुद को और अपने इर्द-गिर्द के लोगों को फ्लू से बचा सकते हैं।