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यौन साइबर अपराध के मामलों में अब इस नंबर पर 24 घंटे मिलेगी ये मदद, रोज आ रही हैं 150 से ज्यादा कॉल्स

Mon, 02 Nov 2020 03:49 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 02 Nov 2020 03:49 PM IST
सार

  • साइबर अपराध के दौरान या बाद में सहायता देने के लिए शुरू हुई थी 155-260 हेल्पलाइन सेवा, योजना की सफलता देखते हुए इसे जल्दी ही 24 घंटे उपलब्ध कराने की योजना
  • महिला-बच्चियों को सेक्सुअल साइबर क्राइम से बचाने के लिए शुरू हुई इस सेवा में हर तरह की मदद के लिए लोग कर रहे कॉल

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This cyber crime helpline number 155260 will be available for 24 hours for women and child
cyber crime - फोटो : AmarUjala

विस्तार

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डिजिटलीकरण बढ़ने के साथ-साथ साइबर अपराध की घटनाओं में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2020 की पहली तिमाही में ही साइबर हमलों में 37 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। इन हमलों में अपराधियों का बड़ा उद्देश्य आर्थिक फ्रॉड करना होता है, जबकि इसके अलावा महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाएं भी आम हो गई हैं। महिलाओं को यौन साइबर अपराधों के मामलों में सहायता पहुंचाने के लिए 155-260 हेल्पलाइन की शुरूआत की गई थी। इस पर महिलाओं-बच्चियों को सहायता पहुंचाई जाती है। यह सेवा अभी सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक के लिए ही उपलब्ध है।

अब 24 घंटे मिलेगी सहायता

साइबर सेल के एक शीर्ष अधिकारी के मुताबिक यह योजना महिलाओं को साइबर हमलों में सहायता देने के लिए शुरू की गई थी। इस नंबर पर इस समय प्रतिदिन 100 से 150 कॉल आती हैं और महिलाएं-बच्चियां इस पर अपनी पेरशानी बताकर मदद मांगती हैं। इनमें उनकी अश्लील फोटो सोशल मीडिया पर फैलाना, फोटोशॉप कर आपत्तिजनक फोटो बनाकर सोशल मीडिया में फैलाना या उनके मोबाइल नंबर को किसी कॉल गर्ल का नंबर बताकर लोगों में बांट देना शामिल हैं।

महिलाएं इन मामलों की शिकायत करने और सहायता पाने के लिए इस सेवा का लाभ उठा रही हैं। यही कारण है कि इसकी लोकप्रियता देखते हुए अब इसे 24 घंटे चालू रखने का निर्णय किया गया है। इसके लिए आवश्यक इंतजाम किये जा रहे हैं। जल्दी ही लोग इस पर सहायता के लिए कॉल कर सकेंगे।

इस नंबर पर अब हर तरह के लोग हर प्रकार के साइबर अपराध के मामलों में मदद मांग रहे हैं। सबसे ज्यादा आर्थिक अपराध के मामले आ रहे हैं। इसे देखते हुए इसकी व्यापकता बढ़ाई जा रही है।

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साइबर अपराध के आंकड़े

एनसीआरबी की वर्ष 2019 की रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष साइबर अपराध के 44,546 मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2018 में साइबर अपराध के केवल 28,248 मामले और 2017 में 21,796 मामले दर्ज किए गए थे। आंकड़ों से पता चलता है कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराध का सबसे बड़ा उद्देश्य आर्थिक फ्रॉड करना, महिलाओं को परेशान करना, व्यक्तिगत दुश्मनी से लेकर राजनीतिक दुश्मनी तक के मामले शामिल थे।

आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा 12,000 साइबर अपराध कर्नाटक में दर्ज किए गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 11,416 और महाराष्ट्र में पांच हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। अक्टूबर माह में यूपीआई के माध्यम से डिजिटल लेनदेन की संख्या 200 करोड़ रुपये को पार कर चुकी है। लोग कोरोना संक्रमण से बचने के लिए भी डिजिटल लेनदेन को प्राथमिकता दे रहे हैं। लेकिन डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ ही साइबर आर्थिक फ्रॉ़ड की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं।

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