Goa: जिला अदालत के एविंडेंस रूम में घुसा चोर, सबूत के तौर पर जब्त नकदी को लेकर हुआ फरार
पुलिस अधिकारी ने बताया कि चोर इमारत के पीछे की तरफ की खिड़की तोड़कर परिसर में घुसा। अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि चोर विभिन्न मामलों में सबूत के तौर पर जब्त नकदी लेकर भाग गया।
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राजधानी पणजी में जिला एवं सत्र अदालत भवन के साक्ष्य कक्ष (रूम) में एक चोर घुस गया और विभिन्न मामलों में सबूत के तौर पर जब्त नकदी लेकर फरार हो गया। एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि घटना पुर्तगाली काल की एक इमारत में स्थित अदालत में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को हुई, जहां सामने की तरफ एक गार्ड ड्यूटी पर था। परिसर में स्थित तीन जिला अदालतों का कामकाज बुधवार को प्रभावित हुआ, क्योंकि घटना की जांच चल रही थी। न्यायाधीशों ने बुधवार के लिए सूचीबद्ध मामलों के लिए आगे की तारीखें दीं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि चोर इमारत के पीछे की तरफ की खिड़की तोड़कर परिसर में घुसा। अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि चोर विभिन्न मामलों में सबूत के तौर पर जब्त नकदी लेकर भाग गया। उन्होंने कहा कि व्यापक जांच से पता चलेगा कि क्या कोई कागजात और अन्य सामग्री चोरी हुई है। उन्होंने कहा, 'हम इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि ड्यूटी पर तैनात गार्ड को चोरी के बारे में कैसे पता नहीं था।
पुलिस अधीक्षक (उत्तर) निधिन वलसन ने यहां संवाददाताओं को बताया कि उसने नकदी, सोना और अन्य दस्तावेजों सहित सबूत रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक अलमारी को निशाना बनाया। अधिकारी ने बताया कि चोर नकदी लेकर भाग गया जबकि अपने पीछे चलन से बाहर हो चुके नोट छोड़ गया।
उन्होंने कहा, 'इसकी संभावना है कि कोई व्यक्ति जो अदालत की प्रक्रियाओं और इमारत को अंदर से जानता था, अपराध में शामिल था।' उन्होंने कहा कि आरोपी को इलाके के सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में सफलता मिल जाएगी।
यह पूछे जाने पर कि क्या चोर किसी विशेष मामले से संबंधित सबूत निकालना चाहता था, वालसन ने कहा कि पुलिस और अदालत के अधिकारी वर्तमान में दस्तावेजों का विश्लेषण कर रहे हैं, जिसके बाद ही वास्तविक नुकसान का पता चल पाएगा।
परिजनों ने किया दूसरे के शव का अंतिम संस्कार, गोवा में मिला युवक
गोवा के मरगांव शहर में केरल का एक निवासी मिला है, जो पिछले आठ महीनों से लापता चल रहा था। युवक को उसके परिजनों में मृत समझ लिया था और उसकी जगह किसी ओर के शव का दाह संस्कर कर दिया था।
स्थानीय पुलिस के निरीक्षक तुलसीदास नाइक ने बताया कि सतीश (पूरा नाम ज्ञात नहीं) को मंगलवार को मरगांव के एक लॉज से हिरासत में लिया गया। मरगांव आने से पहले वह गोवा के वास्को के पास बोगमालो गांव में रह रहा था।
केरल क्राइम ब्रांच की पांच सदस्यीय टीम उसे (तीस वर्षीय सतीश) घर वापस ले जाने के लिए गोवा पहुंची। पुलिस टीम के एक अधिकारी ने बताया कि इससे पहले केरल के थिकोड़ पर मिला शव उसका माना जा रहा था। सतीश के परिवार ने शव का अंतिम संस्कार भी किया। लेकिन बाद में डीएनए टेस्ट में पता चला कि मृत व्यक्ति सतीश नहीं था। जिसके बाद केरल पुलिस ने उसका पता लगाने के लिए लुक आउट नोटिस जारी किया था।
केरल क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि वह गोवा में रह रहा है। सतीश ने संवाददाताओं को बताया कि वह एर्नाकुलम गया था जहां से वह भाग गया था। उसने कहा कि गोवा में आने और नौकरी खोजने से पहले उसने पंजाब और मुंबई की यात्रा की।
यह पूछे जाने पर कि उसने अपने परिवार से संपर्क क्यों नहीं किया, उन्होंने बताया कि उनके पास मोबाइल फोन नहीं है। उसने यह भी कहा कि उसे नहीं पता था कि उसे मृत मान लिया गया है और 'दाह संस्कार' भी कर दिया गया है।