भारी बहुमत से सरकार बनाने के बाद अब ये होंगी मोदी सरकार की बड़ी चुनौतियां
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने जा रहे हैं। इस बार का चुनाव ऐतिहासिक रहा, जिसमें लोगों ने जाति-पाति से ऊपर विकास को चुना। देश में मोदी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ तो आ रही है, लेकिन सरकार के सामने चुनौतियां भी अब कम नहीं हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद अपना दूसरा कार्यकाल शुरू करने जा रहे हैं। इस बार का चुनाव ऐतिहासिक रहा, जिसमें लोगों ने जाति-पाति से ऊपर विकास को चुना। देश में मोदी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ तो आ रही है, लेकिन सरकार के सामने चुनौतियां भी अब कम नहीं हैं।
बीते लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की। ऐसे में मतदाताओं की सरकार से अपेक्षाएं भी काफी बढ़ गई हैं। अब लोग सरकार से अगर वगर का कोई विकल्प नहीं सुनना चाहते। हर आयु वर्ग के देशवासी को सरकार से बहुत सी उम्मीदें हैं। यही वजह है कि सरकार के गठन से पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौ दिन का एजेंडा तैयार किया है। ऐसे में सरकार की चुनौतियों को जानना भी काफी जरूरी है-
अयोध्या विवाद
सरकार के लिए निश्चित तौर पर इस बार राम मंदिर का मुद्दा अहम होगा। संघ परिवार, साधु-संत और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोग भी अब इस मामले पर इंतजार करने के मूड में नहीं हैं। हालांकि ये मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। लेकिन सरकार के सामने ये विकल्प है कि या तो वह कोर्ट के आदेश का इंतजार कर सकती है या फिर कानून के जरिए इस मुद्दे पर कोई मार्ग निकाल सकती है। अदालत का फैसला जल्द आने की उम्मीद काफी कम है। ऐसे में अगर सहयोगी दल साथ देते हैं तो सरकार कानून के जरिए शायद कुछ कर पाए।
अनुच्छेद 35ए
जम्मू एवं कश्मीर से जुड़े अनुच्छेद 35ए को भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में खत्म करने का वादा किया है। सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान इस मामले ने काफी तूल भी पकड़ लिया था। बता दें इस अनुच्छेद को संसद की सहमति के बिना संविधान में जोड़ा गया था, ऐसे में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर से इसे निरस्त किया जा सकता है। ऐसे में सरकार के पास दो तरह के विकल्प हैं। पहला विकल्प ये है कि सरकार इस ओर सहयोगियों से समर्थन ले और दूसरा विकल्प है कि सरकार अदालत का रास्ता अपनाए।
रोजगार
कृषि
ऐसा इसलिए क्योंकि किसानों को साल 2022 तक फसल की दोगुनी लागत और सुचारु सिंचाई व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। ऐसे में सरकार को फसल की उचित कीमत किसानों को दिलाने के लिए कोई बड़ा कदम उठाना होगा। देश की आधी आबादी कृषि पर निर्भर है और इस क्षेत्र को सुधारे बिना सरकार का बेरोजगारी पर लगाम लगाना भी मुश्किल है।
आयकर छूट
आधारभूत संरचना
गांवों का विकास
आवास क्षेत्र