{"_id":"5cce7f9fbdec22071f56b311","slug":"there-may-be-many-serious-diseases-to-maximum-using-computer-and-mobile","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं आप भी तो नहीं करते घंटों तक मोबाइल और कम्प्यूटर का इस्तेमाल, हो सकती है ये खतरनाक बीमारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कहीं आप भी तो नहीं करते घंटों तक मोबाइल और कम्प्यूटर का इस्तेमाल, हो सकती है ये खतरनाक बीमारी
Sun, 05 May 2019 11:45 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 05 May 2019 11:45 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आज लोग ज्यादा समय तक कम्प्यूटर और मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं। लोग घंटों तक किसी न किसी तरह से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। पर वो इससे होने वाली बीमारियों से अंजान हैं। कम्प्यूटर और मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करने से शरीर में कई प्रकार की बीमारियां पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है। इन बीमारियों में टेक्स्ट नेक नाम की बीमारी गर्दन को झुकाकर लगातार इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का यूज करने से होती है।
विज्ञापन
अगर गर्दन का मूवमेंट न हो तो काफी परेशानी हो सकती है। ऑस्ट्रेलियन स्पाइनल रिसर्च फाउंडेशन के पूर्व गवर्नर डॉ जेम्स कार्टर की रिपोर्ट के अनुसार टेक्स्ट नेक बीमारी से स्पाइन 4 सेमी तक झुक सकती है। साथ ही इससे सर्वाइकल स्पाइन यानि की गर्दन की हड्डी को स्थाई रूप से नुकसान हो सकता है जिसकी वजह से सारा जीवन गर्दन दर्द के साथ बिताना पड़ सकता है।
विज्ञापन
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 14 से 44 वर्ष की आयु के लगभग 79 फीसदी लोग जागते समय सिर्फ 2 घंटे छोड़कर हर समय मोबाइल का किसी न किसी रूप में इस्तेमाल करते रहते हैं। टेक्स्ट नेक एक ऐसी बीमारी है जिसमें गर्दन का झुकाव आगे की तरफ हो जाता है। इसमें गर्दन की हडि्डयों में बदलाव आने से उनके डैमेज होने का डर बना रहता है।
विज्ञापन
इस बीमारी से हडि्डयां घिस जाती हैं, जिसके कारण रोगी को सिर, गर्दन, कंधे और पीठ में दर्द बना रहता है। इन अंगों की मसल्स भी अकड़ जाती हैं। इस बीमारी के होने पर रोगी के पीठ के ऊपर के हिस्से में तेज दर्द होने लगता है और वहां की मसल्स में स्ट्रेस आ जाता है। रोगी को पता नहीं चल पाता कि चैट करने या लैपटॉप पर मूवी देखते समय गर्दन को झुकाए रखने से उसकी गर्दन की मसल्स को नुकसान हो रहा है और वे अकड़ती जा रही हैं।
ये हैं उपाय
- जितना हो सके मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट को अपनी आंखों के सामने ही रखें। इस्तेमाल करते वक्त शरीर में दर्द होने पर पोजीशन बदल लेनी चाहिए।
- कम्प्यूटर और लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय बीच-बीच में ब्रेक लेते रहना चाहिए।
- कम्प्यूटर या लैपटॉप पर काम करते वक्त टेबल और कुर्सी की ऊंचाई ठीक रखें ताकि कमर सीधी रह सके।
क्या कहते हैं आंकड़े
- भारत में औसतन हर व्यक्ति मोबाइल पर तीन घंटे का समय बिताता है।
- चीन के यूजर्स औसतन मोबाइल फोन पर चार घंटे तक का समय बिताते हैं।
- अमेरिका में औसतन हर व्यक्ति मोबाइल पर पांच घंटे का समय बिताता है
- दुनियाभर में लगभग 50 फीसदी लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। ज्यादातर लोग इस गर्दन और कंधों में दर्द समझते हैं लेकिन असल में ये एक बीमारी है।