{"_id":"57b4ad884f1c1bd0586eb77b","slug":"there-is-no-big-change-in-bjp-president-amit-shah-team","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अमित शाह का अपने दोनों ‘राम’ पर भरोसा बरकरार, नहीं होगा उलटफेर","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अमित शाह का अपने दोनों ‘राम’ पर भरोसा बरकरार, नहीं होगा उलटफेर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : Getty Images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की टीम में कोई बड़ा उलटफेर नहीं होगा। पुराने चेहरों के सहारे ही शाह अध्यक्ष पद पर अपनी दूसरी पारी को अंजाम देंगे। बताया जा रहा है कि टीम शाह में शामिल दोनों ही राम अपने पद पर बने रहेंगे। संगठन महामंत्री के पद पर राम लाल को बरकरार रखना तय हो गया है। संघ ने भी इस पद के लिए राम लाल के नाम की हामी भर दी है। वहीं, शाह के लिए लक्की मैन रहे राम माधव भी महासचिव के पद पर बने रहेंगे।
सूत्र बताते हैं कि शाह ने इन दोनों नेताओं पर अपना रुख स्पष्ट कर मीडिया के जरिये फैली अफवाह को शांत कर दिया है। महासचिव की जिम्मेदारी निभा रहे अधिकांश चेहरों को भी शाह ने दोबारा टीम में बनाए रखने का मन बनाया है।
बीते दिनों महासचिवों की बैठक कर उन्होंने फिर से सभी महासचिवों के बीच संगठन के कामकाज का बंटवारा कर दिया है। हालांकि राज्यों के प्रभार के लिए नए सिरे से महासचिवों की भूमिका तय की जाएगी। टीम शाह का औपचारिक एलान चंद दिनों में हो जाएगा। संभावना है कि तिरंगा यात्रा के तुरंत बाद शाह अपनी टीम के नाम सार्वजनिक कर देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि शाह ने इन दोनों नेताओं पर अपना रुख स्पष्ट कर मीडिया के जरिये फैली अफवाह को शांत कर दिया है। महासचिव की जिम्मेदारी निभा रहे अधिकांश चेहरों को भी शाह ने दोबारा टीम में बनाए रखने का मन बनाया है।
विज्ञापन
बीते दिनों महासचिवों की बैठक कर उन्होंने फिर से सभी महासचिवों के बीच संगठन के कामकाज का बंटवारा कर दिया है। हालांकि राज्यों के प्रभार के लिए नए सिरे से महासचिवों की भूमिका तय की जाएगी। टीम शाह का औपचारिक एलान चंद दिनों में हो जाएगा। संभावना है कि तिरंगा यात्रा के तुरंत बाद शाह अपनी टीम के नाम सार्वजनिक कर देंगे।
विज्ञापन
लंबे समय तक संगठन महामंत्री पद संभालने वाले बन जाएंगे राम लाल
महासचिवों को मिले नए कामकाज में मुरलीधर राव के जिम्मे प्रशिक्षण का काम बरकरार है। राम माधव को दीनदयाल उपाध्याय जन्मशती के तहत होने वाले कार्यक्रमों का प्रमुख बनाया गया है। यूपी चुनाव के मद्देनजर भाजपा दीनदयाल के विचारों को जोर-शोर से प्रचारित करने की तैयारी में है। दीनदयाल के जरिये उसकी नजर यूपी के 10 प्रतिशत ब्राह्मण मतों को साधने की है।
भाजपा के विचार पुरुष कहे जाने वाले दीनदयाल का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। पार्टी ने अपनी अगली राष्ट्रीय परिषद की बैठक का आयोजन 23 से 25 सितंबर तक कालीकट में रखा है। यहीं से उपाध्याय की पहचान विचार पुरुष के रूप में बनी थी। दिसंबर 1967 में संपन्न हुई जनसंघ की राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में उपाध्याय ने एकात्म मानववाद का दर्शन सामने रखा था। जनसंघ के बाद भाजपा ने इस दर्शन को अपना ध्येय बनाया।
सूत्र बताते हैं कि कालीकट की राष्ट्रीय परिषद बैठक में भाजपा वर्तमान राजनीति में एकात्म मानववाद की उपयोगिता का प्रस्ताव पेश करेगी। अमित शाह ने राम माधव को यह प्रस्ताव बनाने का जिम्मा सौंपा है। इन दिनों माधव वर्तमान राजनीतिक संदर्भ में एकात्म मानववाद की उपयोगिता जुटाने में लगे हैं। भाजपा की तैयारी सितंबर के बाद दीनदयाल के नाम पर पूरे वर्ष देशभर में कार्यक्रम आयोजित करने की है। इसकी कमान भी माधव को ही मिली है।
भाजपा के विचार पुरुष कहे जाने वाले दीनदयाल का जन्म 25 सितंबर 1916 को हुआ था। पार्टी ने अपनी अगली राष्ट्रीय परिषद की बैठक का आयोजन 23 से 25 सितंबर तक कालीकट में रखा है। यहीं से उपाध्याय की पहचान विचार पुरुष के रूप में बनी थी। दिसंबर 1967 में संपन्न हुई जनसंघ की राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक में उपाध्याय ने एकात्म मानववाद का दर्शन सामने रखा था। जनसंघ के बाद भाजपा ने इस दर्शन को अपना ध्येय बनाया।
सूत्र बताते हैं कि कालीकट की राष्ट्रीय परिषद बैठक में भाजपा वर्तमान राजनीति में एकात्म मानववाद की उपयोगिता का प्रस्ताव पेश करेगी। अमित शाह ने राम माधव को यह प्रस्ताव बनाने का जिम्मा सौंपा है। इन दिनों माधव वर्तमान राजनीतिक संदर्भ में एकात्म मानववाद की उपयोगिता जुटाने में लगे हैं। भाजपा की तैयारी सितंबर के बाद दीनदयाल के नाम पर पूरे वर्ष देशभर में कार्यक्रम आयोजित करने की है। इसकी कमान भी माधव को ही मिली है।