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सीआईसी : पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को कर्ज देने में जोखिम कम, निवेश के लिए पहली पसंद रियल एस्टेट

Mon, 06 Mar 2023 05:32 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 06 Mar 2023 05:32 AM IST
सार

महिलाओं को कर्ज देने में पुरुषों के मुकाबले कम जोखिम होता है। कर्जदार महिला जब काम करती है और वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो जाती हैं, तो वह अपने जीवन के अन्य लक्ष्यों एवं आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए फिर कर्ज के अवसर तलाशती है।

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There is less risk in lending to women as compared to men
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महिलाओं को कर्ज देने में पुरुषों के मुकाबले कम जोखिम होता है। कर्जदार महिला जब काम करती है और वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर हो जाती हैं, तो वह अपने जीवन के अन्य लक्ष्यों एवं आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए फिर कर्ज के अवसर तलाशती है। संभवत: इसी के चलते उनका क्रेडिट स्कोर भी बेहतर होता है।

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कर्ज की सूचना देने वाली कंपनी (सीआईसी) ट्रांसयूनियन सिबिल के अध्ययन के मुताबिक, 57 फीसदी महिलाओं का क्रेडिट स्कोर उन्हें ‘विशिष्ट’ श्रेणी में रखता है। वहीं, पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा 51 फीसदी है। ट्रांसयूनियन सिबिल के मुताबिक, महिलाओं के बीच व्यक्तिगत लोन और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों के लिए लोन जैसे खपत आधारित कर्ज भी लोकप्रिय हो रहे हैं। 
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सीआईसी के सालाना आंकड़ों के मुताबिक, कर्ज लेने वाली महिलाओं की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 28 फीसदी पहुंच गई है। इनमें नई कर्जदार महिलाओं का हिस्सा 34 फीसदी है। इसके अलावा, कुल कारोबारी कर्ज में भी इनकी हिस्सेदारी 32 फीसदी पहुंच गई है। 
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निवेश के लिए पहली पसंद रियल एस्टेट
रियल एस्टेट सलाहकार एनरॉक के सर्वे के अनुसार, 65% महिलाएं निवेश के लिए रियल एस्टेट को तरजीह देती हैं। 20% ने शेयर बाजार और सिर्फ 8 फीसदी महिलाओं ने ही सोने में निवेश किया।

एनरॉक ने एक अन्य अध्ययन का जिक्र करते हुए कहा कि 83% महिलाएं 45 लाख रुपये से अधिक कीमत के मकान तलाश रही हैं। 36% ने 45-90 लाख जबकि 27 फीसदी ने 90 लाख से 1.5 करोड़ रुपये के बीच के मकान खरीदने को तरजीह दी।


आधी आबादी पर 16 लाख करोड़ का बकाया...यह कुल कर्ज का पांचवां हिस्सा
महिलाओं की कुल संख्या करीब 45.4 करोड़ है। इनमें 6.3 करोड़ वर्ष 2022 में सक्रिय रूप से कर्जदार रहीं। इस अवधि में कर्ज के लिए 8.06 करोड़ महिलाओं ने आवेदन किए और 7.27 करोड़ को कर्ज दिया गया। इसमें उपभोक्ता लोन की हिस्सेदारी एक चौथाई से अधिक रही।

-महिलाओं पर कुल 16 लाख करोड़ का कर्ज है, जो कुल कर्ज का करीब पांचवां हिस्सा है।
-तमिलनाडु में सबसे अधिक 91.7 लाख महिला कर्जदार हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में कर्ज की वृद्धि दर सर्वाधिक है।

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