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MEA: 'एक-दूसरे की चिंताओं में संवेदनशीलता से कायम होते हैं रिश्ते', भारत का पाकिस्तान समर्थक तुर्किये को संदेश

Thu, 22 May 2025 05:01 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Thu, 22 May 2025 05:01 PM IST
सार

विदेश मंत्रालय ने साप्ताहिक ब्रीफिंग में ऑपरेशन सिंदूर, भारत पाकिस्तान तनाव, तुर्किये से संबंध समेत तमाम मुद्दों पर जानकारी दी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमें उम्मीद है कि तुर्किये पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंद करने के लिए कहेगा।

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'The world should come with India to fight terrorism', said the MEA on departure of the all-party delegation
विदेश मंत्रालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को साप्ताहिक ब्रीफिंग में तुर्किये, भारत-पाकिस्तान तनाव, सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की रवानगी समेत तमाम मुद्दों पर जानकारी दी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने तुर्किये को कड़ा संदेश दिया है। हमें उम्मीद है कि तुर्किये पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंद करने और दशकों से अपने यहां मौजूद आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ  कार्रवाई करने के लिए कहेगा। क्याेंकि रिश्ते एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता के आधार पर बनते हैं। 
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पाकिस्तान का समर्थन करने पर भारत ने तुर्किये पर कई प्रतिबंध लगाए हैं। रणधीर जायसवाल ने कहा कि सेलेबी मामले पर यहां तुर्किये दूतावास के साथ चर्चा की गई है। लेकिन मैं समझता हूं कि यह विशेष निर्णय नागरिक उड्डयन सुरक्षा द्वारा लिया गया था। 
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दुनिया आतंकवाद से लड़ने के लिए भारत के साथ आए
सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की रवानगी पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम आतंकवाद से लड़ने के अपने संकल्प को दुनिया तक पहुंचा रहे हैं। हम चाहते हैं कि दुनिया आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से लड़ने के लिए एक साथ आए। हम दुनिया से आग्रह करना चाहते हैं कि वे सीमा पार आतंकवाद के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराएं।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पिछले 40 वर्षों से भारत के खिलाफ आतंकवाद को अंजाम दे रहा है। उसके कार्यों को उजागर करने की आवश्यकता है। उसे भारत के खिलाफ किए गए आतंकी हमलों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इसलिए सात प्रतिनिधिमंडल बनाए गए हैं। तीन प्रतिनिधिमंडल रवाना हो चुके हैं। यह एक राजनीतिक मिशन है। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल दुनिया के 33 देशों में जा रहे हैं। सभी देश हमारे मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदार हैं। हमारे उनके साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। उनमें से कई देश सुरक्षा परिषद के सदस्य हैं या आने वाले दिनों में सुरक्षा परिषद का हिस्सा बनेंगे। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए, यह जरूरी था कि हम इन देशों में जाएं ताकि हम आतंकवाद पर भारत का संदेश बता सकें। 


अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने की पहलगाम आतंकी हमले की निंदा
चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता पर उन्होंने कहा कि हमने कुछ रिपोर्ट देखी हैं। मुझे इसके अलावा और कुछ नहीं कहना है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री के साथ बातचीत पर हमने जानकारी दी थी।

विदेश मंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने के लिए अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री को धन्यवाद दिया। वे कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए। विदेश मंत्री ने हाल ही में झूठी और निराधार रिपोर्टों के माध्यम से भारत और अफगानिस्तान के बीच अविश्वास पैदा करने के प्रयासों को दृढ़ता से अस्वीकार करने का भी स्वागत किया।

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'The world should come with India to fight terrorism', said the MEA on departure of the all-party delegation
विदेश मंत्रालय (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और पाकिस्तान के बीच जंग को समाप्त करने का श्रेय लेने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, कि अपनी पिछली ब्रीफिंग में मैंने इस पर बात की थी। मेरे पास कहने के लिए और कुछ नहीं है। आप हमारी स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि भारत-पाकिस्तान के बीच कोई भी जुड़ाव द्विपक्षीय होना चाहिए। बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। आतंकवाद के मामले में हम उन कुख्यात आतंकवादियों को भारत को सौंपने पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं जिनकी सूची कुछ साल पहले पाकिस्तान को दी गई थी।

उन्होंने कहा कि मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि जम्मू और कश्मीर पर कोई भी द्विपक्षीय चर्चा केवल पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करने पर होगी। सिंधु जल संधि भी तब तक स्थगित रहेगी जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को त्याग नहीं देता। जैसा कि हमारे प्रधान मंत्री ने कहा है कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमने डीजीएमओ के माध्यम से पाकिस्तान को बताया कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जवाब देने के अपने अधिकार का प्रयोग किया था, इसलिए हमने घटना के बाद उन्हें (हमले के बारे में) बताया। 

भारत में बांग्लादेश के 2369 अवैध अप्रवासी
भारत में लंबे समय से अवैध प्रवासी रह रहे हैं। इसमें से बांग्लादेश के 2369 से अधिक अवैध प्रवासियों को निर्वासित किया जाना है। इसके लिए हमने बांग्लादेश से उनके सत्यापन और उनको वापस लेने के लिए कहा है। इसमें कई प्रवासी ऐसे हैं जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है। जबकि कई का 2020 से सत्यापन लंबित है। बांग्लादेश इस पर जल्द कार्रवाई करे।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। - फोटो : ANI
चीन को दिया था कड़ा जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमारे एनएसए और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 10 मई 2025 को एक-दूसरे से बात की थी। एनएसए ने पाकिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख से अवगत कराया था। चीनी पक्ष अच्छी तरह से जानता है कि आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता भारत-चीन संबंधों का आधार बने हुए हैं।

ठीक नहीं थीं पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारियों की गतिविधियां
पाकिस्तान उच्चायोग के दो कर्मचारियों को अवांछित व्यक्ति घोषित किए जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान उच्चायोग के कर्मचारी ऐसी गतिविधियां कर रहे हैं जो उनकी आधिकारिक स्थिति के अनुरूप नहीं हैं और इसी कारण से उन्हें भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। एक कर्मचारी भारत छोड़ चुका है, जबकि दूसरे को कल भारत छोड़ने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया था। 

राजनयिकों की सुरक्षा सर्वोपरि
वाशिंगटन डीसी में इस्राइली दूतावास के 2 कर्मचारियों की हत्या पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम हमले की निंदा करते हैं। हम पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। इस कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए; राजनयिक कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।

नीदरलैंड के साथ मजबूत होंगे संबंध
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री की नीदरलैंड यात्रा 19 और 20 मई को थी। दो दिन पहले उन्होंने वहां प्रधानमंत्री से मुलाकात की। विदेश मंत्री से मुलाकात की। रक्षा मंत्री से भी बात की और इसके अलावा उन्होंने वहां भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। सभी मुद्दों पर चर्चा हुई। हमें विश्वास है कि यह यात्रा दोस्ती, साझेदारी को मजबूत करेगी और हमारे संबंधों को मजबूत करेगी। 


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