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यौन शोषण के बाद आत्महत्या करने वाली पीड़िता की मां को सुप्रीम कोर्ट ने दी खास तरह की इजाजत
Sat, 03 Oct 2020 05:46 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 03 Oct 2020 05:46 AM IST
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सुफ्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
सुप्रीम कोर्ट ने यौन शोषण के बाद आत्महत्या कर लेने वाली एक युवती की मां को सही जांच कराने के लिए एक खास तरह की इजाजत दी है। याची के तौर पर शीर्ष अदालत में पेश हुई मां को जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपनी याचिका में उठाए सभी बिंदु एक सप्ताह के अंदर लिखित में जांच अधिकारी को सौंपने की छूट दी है।
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याचिका में उठाए बिंदु लिखित में जांच अधिकारी को सौंपने की दी छूट, दुष्कर्म पीड़िता ने कर ली थी आत्महत्या
जस्टिस खानविलकर के अलावा जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार को दिए आदेश में कहा, अपनी फाइनल रिपोर्ट संबंधित अदालत में जमा करने से पहले जांच अधिकारी को याची द्वारा उठाए गए बिंदुओं को मानना होगा और उनकी तर्कपूर्ण जांच करनी होगी। पीठ यौन शोषण के बाद आत्महत्या कर लेने वाली युवती की मां की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग शीर्ष अदालत से की थी।
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पीठ ने अपने आदेश में कहा कि हम याचिकाकर्ता की तरफ से उठाए गए मुद्दों की मेरिट पर अभी कोई राय जाहिर नहीं कर रहे हैं। साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ता की तरफ से पेश किए गए बिंदुओं पर जांच अधिकारी को कार्रवाई का मौका देने के लिए सुनवाई को 8 सप्ताह तक स्थगित कर दिया।
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भेल में कार्यरत थी पीड़िता
दरअसल 32 वर्षीय पीड़ित युवती भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के हैदराबाद कार्यालय में वित्त अधिकारी के तौर पर कार्यरत थी। उसने अपने कार्यस्थल पर लगातार यौन उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद पीड़िता की मां ने 5 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर जांच को तेलंगाना पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपने की मांग की थी।
उनका आरोप था कि तेलंगाना पुलिस ने दुष्कर्म करने के मुख्य आरोपी आर्थर किशोर कुमार और युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय उन्हें 2 जून को राष्ट्रीय महिला आयोग को भेजी अपनी ताजा रिपोर्ट में क्लीन चिट दे दी थी।