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दिल्ली: पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना को झटका, नियुक्ति के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार

Thu, 18 Nov 2021 11:58 AM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Thu, 18 Nov 2021 11:58 AM IST
सार

गुजरात कैडर के आईपीएस राकेश अस्थाना को दिल्ली पुलिस आयुक्त नियुक्त किए जाने के खिलाफ एनजीओ सीपीआईएल की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है।

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The Supreme Court agreed to hear the plea of NGO CPIL against the appointment of Gujarat cadre IPS Rakesh Asthana as the Delhi Police Commissioner
राकेश अस्थाना

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक गैर सरकारी संगठन को दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश के विरुद्ध अपील दायर करने की अनुमति दे दी। इस आदेश में उच्च न्यायालय ने आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को सेवानिवृत्ति की तारीख 31 जुलाई से चार दिन पहले दिल्ली पुलिस आयुक्त बनाने के केंद्र के फैसले को बरकरार रखा था।

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26 नवंबर को होगी सुनवाई 
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने कहा कि गैर सरकारी संगठन की याचिका और अपील पर 26 नवंबर को सुनवाई होगी। गैर सरकारी संगठन ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने पीठ से कहा कि अस्थाना की नियुक्ति के विरोध में उसकी याचिका न्यायालय ने 25 अगस्त को लंबित रखी थी और उच्च न्यायालय से इसी प्रकार की एक याचिका पर जल्दी फैसला लेने का आग्रह किया था। प्रशांत भूषण ने कहा कि अब जब उच्च न्यायालय ने याचिका पर फैसला दे दिया है तो इस शीर्ष अदालत को इसका लाभ लेना चाहिए। मैं न्यायालय से अनुरोध करता हूं कि वह हमारी याचिका पर फैसला दे जो अस्थाना की नियुक्ति को चुनौती देती है।
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केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दी दलीलें
केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तकनीकी आधार पर प्रारंभिक आपत्ति दर्ज कराई कि यह एक रिट याचिका है और अगर भूषण उच्च न्यायालय के आदेश से असंतुष्ट हैं तो उन्हें इस शीर्ष अदालत की अनुमति से एक अपील दायर करनी चाहिए। पीठ ने कहा कि पूर्व में ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें यदि कोई पक्ष उच्च न्यायालय से असंतुष्ट है तो वह न्यायालय की अनुमति से अपील दायर कर सकता है।
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पीठ ने कहा कि हम आपको अपील दायर करने की छूट प्रदान करते हैं और रिट याचिका तथा अपील दोनों पर एक साथ विचार करके फैसला करेंगे क्योंकि हमने ही 25 अगस्त के आदेश में आपको हस्तक्षेप करने वाले के रूप में उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा था। वहीं अस्थाना की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि अगर न्यायालय गैर सरकारी संगठन को अपील दायर करने की अनुमति दे रहा है तो उसे रिट याचिका लंबित नहीं रखनी चाहिए।


दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्थाना की नियुक्ति को सही ठहराया था 
दिल्ली हाईकोर्ट ने 12 अक्तूबर को अपने फैसले में अस्थाना को दिल्ली का पुलिस आयुक्त नियुक्त करने के केंद्र के फैसले को सही ठहराते हुए कहा था कि उनके चयन मे कोई भी अवैधता या अनियमित्ता नहीं है। हाईकोर्ट ने अस्थाना के चयन को चुनौती देने वाली जनहित खारिज करते हुए कहा था कि इस नियुक्ति के बारे में केंद्र द्वारा बताए गए कारण ठीक हैं और इसमें न्यायिक समीक्षा की आवश्यकता नहीं है।

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