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कोरोना से लड़ने के लिए आपदा कोष की 50 फीसदी तक रकम इस्तेमाल कर सकेंगे राज्य

Fri, 25 Sep 2020 02:37 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 25 Sep 2020 02:37 AM IST
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the states can use 50 percent disaster fund to fight corona
कोरोना वायरस (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

केंद्र ने राज्यों को कोरोना महामारी से लड़ने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) की 50 फीसदी तक रकम इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी है। राज्य इन पैसों से क्वारंटीन सुविधाएं, जांच प्रयोगशालाएं, ऑक्सीजन बनाने वाले संयंत्र स्थापित कर पाएंगे और वेंटिलेटर व पीपीई किट भी खरीद सकेंगे।

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यह फैसला सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बुधवार को हुई बातचीत के बाद किया है, जिसमें पीएम ने कहा था कि कोरोना संबंधी स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करने के लिए राज्य आपदा राहत कोष का उपयोग 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जा रहा है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक संदेश में वित्त वर्ष 2020-2021 में विशेष स्थिति में एसडीआरएफ की 50 प्रतिशत तक की राशि कोरोना रोकथाम पर खर्च करने के लिए सहायता संबंधी वस्तुओं और नियमों की सूची में आंशिक संशोधन की बात कही है। उल्लेखनीय है कि एसडीआरएफ ज्यादातर हिस्सा राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से आता है।
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इन सुविधाओं पर खर्च कर सकते हैं राज्य
राज्य क्वारंटीन केंद्र, नमूना जुटाने और जांच जैसी सुविधाओं के लिए एसडीआरएफ पंड की 50 फीसदी तक की राशि खर्च कर सकते हैं। कोरोना प्रभावित लोगों और क्वारंटीन केंद्रों में रखे गए लोगों के लिए अस्थायी व्यवस्था, खाने-कपड़े, चिकित्सा सुविधाएं हैं।

नमूना जुटाने में इस्तेमाल की जाने वाली चीजें और संपर्कों का पता लगाने संबंधी कार्य व महत्वपूर्ण उपकरणों की खरीद और प्रयोगशालाएं स्थापित करने का खर्च तथा टेस्टिंग किट भी नए नियमों के दायरे में होंगी।

इनमें स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े लोगों, नगर निगम, पुलिस और फायर बिग्रेड सर्विस से जुड़े लोगों के लिए पीपीई किट की कीमत, थर्मल स्कैनर, वेंटिलेटर और प्यूरीफायर, अस्पतालों में ऑक्सीजन उत्पादन व भंडारण की कीमत भी होगी।

साथ ही कोरोना मरीजों को लाने-ले जाने के लिए एंबुलेंस सेवा में सुधार, कंटेनमेंट जोन, कोविड-19 अस्पतालों, कोविड सेंटरों की स्थापना और सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाली चीजों के खर्च भी संशोधित नियमों के दायरे में आएंगे।


मुख्य सचिव करेंगे निगरानी
गृह मंत्रालय के संदेश के मुताबिक, संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के मुख्य सचिव के नेतृत्व में राज्य कार्यकारी समिति पूरे तंत्र की निगरानी करेगी, ताकि बाकी सरकारी योजनाओं के साथ इसका कोई दोहराव न हो। संशोधित नियमों के दायरे में शामिल चीजों के अलावा कोविड-19 संबंधी कोई अन्य खर्च राज्य सरकार के संसाधन से होगा, न कि एसडीआरएफ के फंड से।

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