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रैपिड जांच से पता चलेगा महामारी का प्रसार, जनता इसके लिए आग्रह न करे : आईसीएमआर
Thu, 16 Apr 2020 05:30 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 16 Apr 2020 05:30 PM IST
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Dr. Raman Gangakhedkar, Head, Epidemiology & Communicable Diseases, ICMR.
स्वास्थ्य मंत्रालय ने आज बताया कि जिला स्तर पर कोविड-19 के प्रकोप के लिए बनाई जा रही योजना पर चर्चा की गई। साथ ही उन्होंने बताया कि भारत को चीन की दो कंपनियों से रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट किट सहित पांच लाख परीक्षण किट प्राप्त हुए हैं। इसे लेकर हुई प्रेस कांफ्रेंस में कई अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
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भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के डॉ. रमन आर गंगाखेड़कर ने कहा, हमारे पास चीन की दो कंपनियों से कुल पांच लाख रैपिड जांच किट आई हैं। इन दोनों की जांच का तरीका अलग है। ये एंटी बॉडी की जांच के लिए हैं। ये रैपिड एंटी बॉडी जांच किट कोरोना की शुरुआती जांच के लिए बल्कि सर्विलांस के लिए उपयोग में लाई जाएगी।
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स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर की संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच के लिए लोगों को लैब पर ही निर्भर रहना होगा, आम जन इस रैपिड टेस्ट की मांग न करें। इसका इस्तेमाल कोरोना की जांच के लिए नहीं बल्कि महामारी के प्रसार का पता लगाने के लिए किया जाता है।
इसके साथ ही डॉ. रमन ने कहा कि देश में हम 24 लोगों की जांच कर रहे हैं तब एक मरीज पॉजिटिव आ रहा है। जापान में यह आंकड़ा 11.7 जांच में एक पॉजिटिव का और इटली में हर 6.7 लोगों की जांच पर एक पॉजिटिव है। वहीं, अमेरिका में यह 5.3 और ब्रिटेन में 3.4 है।
#WATCH In Japan, to find one positive case, 11.7 persons are tested. In Italy that number is 6.7, in US it's 5.3, in UK it's 3.4. Here in India, we do 24 tests for one positive case: Dr. Raman R Gangakhedkar, Indian Council of Medical Research (ICMR). pic.twitter.com/bLHDYOIr7r
— ANI (@ANI) April 16, 2020