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Hindi News ›   India News ›   The Prohibition of Child Marriage (Amendment) Bill 2021 seeks to raise the legal minimum age of marriage for women from 18 to 21 years introduced in loksabha,67% of youth consider 26-30 as the ideal age for marriage

Legal Marriage Age For Women: 21 नहीं 26-30 को शादी के लिए आदर्श उम्र मानते हैं 67 फीसदी युवा , समझिए लड़कियां क्या चाहती हैं

Tue, 21 Dec 2021 06:35 PM IST
प्रतिभा ज्योति प्रतिभा ज्योति, अमर उजाला, नई दिल्ली।
प्रतिभा ज्योति, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Tue, 21 Dec 2021 06:35 PM IST
सार

जया जेटली टास्क फोर्स  के अध्ययन का मूल था- युवा छात्रों के बीच शादी की कानूनी उम्र बढ़ाने और  शादी की उचित उम्र  औरउचित समय के लिए युवाओं के विचार लिए जाएं। सर्वे में शामिल 70 फीसदी छात्रों ने शादी की उम्र 21 करने के पक्ष में अपना समर्थन दिया। 
 

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The Prohibition of Child Marriage (Amendment) Bill 2021 seeks to raise the legal minimum age of marriage for women from 18 to 21 years introduced in loksabha,67% of youth consider 26-30 as the ideal age for marriage
शादी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media

विस्तार

केंद्र सरकार ने लड़कियों के शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 साल करने के प्रावधान वाले  बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक 2021 को लोकसभा में पेश किया। विधेयक पेश करते हुए महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा  'एक लोकतंत्र में, महिलाओं और पुरुषों को विवाह का समान अधिकार देने में हमने 75 साल की देरी की है। इस संशोधन के जरिए पहली बार लड़के और लड़कियां दोनों ही 21 साल की आयु में समानता के अधिकार को ध्यान में रखते हुए अपने विवाह को लेकर निर्णय ले पाएंगे। विपक्ष ने सरकार पर जल्दबाजी में विधेयक पेश करने का आरोप लगाया है। 
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लड़कियों की शादी की उम्र जांच करने के लिए बने टास्क फोर्स ने लड़कियों की उम्र बढ़ाने की सिफारिश की थी। इस टास्क फोर्स का गठन जया जेटली के नेतृत्व में सरकार ने पिछले साल जून में की थी। इस टास्क फोर्स में 10 सदस्य थे। इस पैनल ने लड़कियों की शादी की उम्र तय करने के लिए 16 विश्वविद्यालयों के युवाओं की राय ली। टास्क फोर्स ने अपनी सिफारिश में कहा कि यदि लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 साल कर दी जाए तो इससे परिवारों, महिलाओं और बच्चों पर हर तरह से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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टास्क फोर्स ने दूर-दराज के क्षेत्रों और हाशिए के समुदायों में युवा वयस्कों तक पहुंचने के लिए 15 से अधिक एनजीओ की सहायता ली।  सभी धर्मों के युवाओं के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से समान रूप से फीडबैक लिया गया है।
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The Prohibition of Child Marriage (Amendment) Bill 2021 seeks to raise the legal minimum age of marriage for women from 18 to 21 years introduced in loksabha,67% of youth consider 26-30 as the ideal age for marriage
लड़कियों की शादी की उम्र - फोटो : social media
प्रस्ताव लड़कियों की बेहतरी के लिए 
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति नजमा अख्तर, जो पैनल की सदस्य हैं, उन्होंने 16 विश्वविद्यालयों के छात्रों के बीच एक विस्तृत प्रश्नावली बांटी थी। लगभग 2,300 छात्र सर्वेक्षण का हिस्सा थे,  जिनमें से 52 फीसदी छात्राएं थीं। टास्क फोर्स की अध्यक्ष जया जेटली का मानना है कि यह प्रस्ताव लड़कियों की बेहतरी के लिए है और इसका मकसद राजनीतिक फायदा उठाने या धार्मिक ममलों में दखले देना कतई नहीं है। 

70 फीसदी से अधिक छात्रों ने लड़कियों की उम्र बढाने का समर्थन किया
मिली जानकारी के मुताबिक 16 विश्वविद्यालयों के करीब 70 फीसदी छात्रों ने लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 18 से 21 वर्ष तक बढ़ाने का समर्थन किया है। इस कदम का समर्थन करने वालों में जहां 60 फीसदी लड़के थे, वहीं 80 फीसदी लड़कियां इसके पक्ष में थीं। यानी देश की लड़कियां चाहती हैं कि उनकी शादी की उम्र बढ़ाई जाए। 

The Prohibition of Child Marriage (Amendment) Bill 2021 seeks to raise the legal minimum age of marriage for women from 18 to 21 years introduced in loksabha,67% of youth consider 26-30 as the ideal age for marriage
शादी (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
26-30 साल में शादी हो तो आदर्श उम्र है
सर्वे में शामिल लगभग 67 फीसदी युवाओं ने कहा शादी के लिए 26 से 30 साल को शादी के लिए आदर्श उम्र है। छात्रों से शादी का उचित समय पूछा गया कि वे कब शादी करना चाहेंगे। स्टडी में पाया गया कि 67 फीसदी युवा 26 से 30 साल की उम्र के बीच शादी करना चाहते थे।  उसके बाद 20 फीसदी 21 और 25 साल के बीच शादी करना चाहते हैं और 12 फीसदी ऐसे थे जो 30 साल के बाद शादी के इच्छुक हैं। 

24 फीसदी छात्रों ने कहा उम्र बढ़ाने की जरूरत नहीं
अध्ययन में करीब 24 फीसदी छात्रों ने कहा कि शादी की कानूनी उम्र बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है। अध्ययन के निष्कर्ष में कहा गया है कि 'जीवन की आकांक्षाओं, जीवनसाथी और शादी की उम्र आदि के प्रति युवाओं के दृष्टिकोण के मामले में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है'।  हालांकि, अभी भी कुछ लोगों को शादी की उम्र में देरी करने को लेकर संवेदनशील होने की जरूरत है। 
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