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सरकारी दुकानों व स्टोर में प्लास्टिक कार्ड के चलन को अनिवार्य करने की तैयारी
राजीव कुमार/ नई दिल्ली
Updated Tue, 22 Nov 2016 03:53 AM IST
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जल्द ही सरकारी या सहकारी दुकानों में खरीदारी के दौरान कार्ड से भुगतान की सुविधा बहाल हो सकती है। वहीं देश के बड़े शहरों की आम दुकानों में भी कार्ड के माध्यम से भुगतान को अनिवार्य किया जा सकता है। अभी अगर कोई दुकानदार कार्ड से भुगतान लेने से इनकार करता है तो उस दुकानदार के खिलाफ कानूनन कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। कैशलेस ट्रांजेक्शन में तेजी लाने के लिए सरकार इन चीजों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
कैशलेस ट्रांजेक्शन की गति को तेज करने के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर सूचना-प्रौद्योगिकी व कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद व बिजली, कोयला, खान व नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के बीच बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई अन्य मंत्रालयों के भी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, सरकार की तरफ से कोशिश की जा रही है कि राज्य या केंद्र सरकार की खुदरा दुकानों के साथ सहकारी संस्थाओं की दुकानों पर भी कार्ड से भुगतान की सुविधा बहाल की जाए। इससे मदर डेयरी, अमूल व इस प्रकार की कई दुकानों में ग्राहक कार्ड से भुगतान कर सकेंगे। बैठक में ई-वॉलेट, बैंकिंग कॉरसपोंडेंट के दायरों को बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया। सूत्रों के मुताबिक, सरकार स्थानीय स्तर के बाजारों के दुकानदारों को स्वाइप मशीन देने पर विचार कर रही है ताकि उनके ग्राहक उन्हें कार्ड के जरिए भुगतान कर सकें।
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कार्ड भुगतान से इंकार पर अभी नहीं होती कार्रवाई
बड़े शहरों में कार्ड से भुगतान के चलन को बढ़ाने के लिए कार्ड से भुगतान लेना अनिवार्य किया जा सकता है। फिलहाल कोई दुुकानदार कार्ड से भुगतान लेने पर इनकार करता है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। दिल्ली में रहने वाले पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट हिमांशु कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान उन्होंने कई दुकानों में कार्ड से भुगतान देने की पेशकश की, लेकिन कई दुकानदारों ने कार्ड से भुगतान लेने से इनकार कर दिया। कानून के अभाव में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
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कैशलेस ट्रांजेक्शन की गति को तेज करने के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर सूचना-प्रौद्योगिकी व कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद व बिजली, कोयला, खान व नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के बीच बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई अन्य मंत्रालयों के भी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, सरकार की तरफ से कोशिश की जा रही है कि राज्य या केंद्र सरकार की खुदरा दुकानों के साथ सहकारी संस्थाओं की दुकानों पर भी कार्ड से भुगतान की सुविधा बहाल की जाए। इससे मदर डेयरी, अमूल व इस प्रकार की कई दुकानों में ग्राहक कार्ड से भुगतान कर सकेंगे। बैठक में ई-वॉलेट, बैंकिंग कॉरसपोंडेंट के दायरों को बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया। सूत्रों के मुताबिक, सरकार स्थानीय स्तर के बाजारों के दुकानदारों को स्वाइप मशीन देने पर विचार कर रही है ताकि उनके ग्राहक उन्हें कार्ड के जरिए भुगतान कर सकें।
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कार्ड भुगतान से इंकार पर अभी नहीं होती कार्रवाई
बड़े शहरों में कार्ड से भुगतान के चलन को बढ़ाने के लिए कार्ड से भुगतान लेना अनिवार्य किया जा सकता है। फिलहाल कोई दुुकानदार कार्ड से भुगतान लेने पर इनकार करता है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है। दिल्ली में रहने वाले पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट हिमांशु कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के दौरान उन्होंने कई दुकानों में कार्ड से भुगतान देने की पेशकश की, लेकिन कई दुकानदारों ने कार्ड से भुगतान लेने से इनकार कर दिया। कानून के अभाव में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है।