आशु मलिक से सपा दफ्तर में धक्का-मुक्की, अखिलेश ने बचाई जान
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सोमवार को सपा कार्यालय में हुई बैठक में मुलायम ने मुख्यमंत्री से उस पत्र का जिक्र कर दिया, जिसमें किसी ने सीएम पर आरोप लगाया था कि वह मुसलमानों को सपा से दूर करना चाहते हैं। इस पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उठकर सफाई देने लगे। उनका कहना था यह पत्र झूठ है और उन्हीं लोगों ने लिखवाया है जिन्होंने कुछ दिन पहले एक अखबार में उन्हें औरंगजेब बताया था।
सीएम यह बात कहते वक्त बार-बार मंच पर मौजूद आशु मलिक की तरफ देख रहे थे। सीएम अपनी बात कह ही रहे थे कि शिवपाल ने माइक ले लिया। इसके बाद मंच पर दोनों पक्ष के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मलिक भी वहां पहुंच गए। कुछ लोग मलिक की तरफ लपके लेकिन सीएम के सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। बाद में सीएम आशु मलिक को अपने साथ लेते गए।
मुख्यमंत्री ने मेरी जान बचाई
कुछ देर बाद सीएम आवास से बाहर निकले आशु मलिक ने आरोप लगाया कि वन राज्यमंत्री पवन पांडेय ने सीएम आवास के भीतर उन्हें मारा-पीटा है। मलिक ने कहा, सपा मुख्यालय में सीएम ने पत्र के मामले में सफाई देने के लिए मुझे बुलाया था, इसलिए मैं मंच पर गया था। इतने में कुछ लोगों ने मुझ पर हमला बोल दिया। सीएम ने भीड़ से मेरी जान बचाई, इसलिए मैं उनका जीवन भर आभारी रहूंगा। मैं अपनी जान देकर भी सीएम का कर्ज नहीं चुका सकता। उन्होंने कहा, मैं न सीएम की तरफ हूं और न मुलायम, शिवपाल की तरफ। मेरे लिए तो सभी एक परिवार की तरह हैं।
वहीं मुरादनगर में एमएलसी आशु मलिक के साथ लखनऊ में हुई धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार से क्षुब्ध उनके समर्थकों ने सोमवार देर शाम बस स्टैंड पर मंत्री पवन पांडे का पुतला फूंका। इसके चलते हाईवे पर जाम लग गया। वहीं, मौके पर मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही। लखनऊ की घटना को देखते हुए पुलिस ने आशु मलिक के आवास पर पूरे दिन निगाह बनाए रखी।