MHA: ‘पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करेगा गृह मंत्रालय’, अतीक और अशरद के बाद सरकार का बड़ा फैसला
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में फर्जी पत्रकार बनकर आए तीन लोगों ने माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करेगा। यह फैसला हाल ही में हुए अतीक पर हमले के बाद लिया गया है।
गौरतलब है, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में फर्जी पत्रकार बनकर आए तीन लोगों ने माफिया से राजनेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
यह है मामला
पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्य जांच के लिए शनिवार देर राहत कॉल्विन अस्पताल ले जाते समय माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की मेडिकल कॉलेज के पास मीडिया कर्मी बनकर आए बाइस सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना की सूचना पर पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
गोलीबारी में एक सिपाही के भी घायल होने की सूचना है। उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ चार दिन की पुलिस कस्टडी में थे। शनिवार को तीसरे दिन धूमनगंज थाने के लॉकअप में बंद अतीक व अशरफ से एटीएस ने हथियार तस्करी की बाबत पूछताछ की थी। रात लगभग साढ़े दस बजे जब दोनों को रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए कॉल्विन अस्पताल ले जाया जा रहा था। तभी मीडियाकर्मी बनकर दो बदमाश बाइक से आए और ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी।
गोलियां लगने से अतीक व अशरफ ललूलुहान होकर गिर पड़े थे। दोनों को आनन-फानन स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से दो पिस्टल व छह खोखे मिले हैं। घटना की सूचना पर सभी थानों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। गौरतलब है कि उमेश पाल अपहरण कांड में एमपीएमएलए अदालत ने अतीक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतीक अहमद पर सौ से अधिक मुकदमे चल रहे हैं।