भाई को मिली सजा से नाराज बहन ने जज को दी धमकी
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कातिलाना हमले में भाई को सजा होने से नाराज एक महिला ने सोमवार को एडीजे-2 राहुल कात्यायन के चैंबर में घुसकर तोड़फोड़ मचा दी। उनके साथ अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी दे दी। महिला कोर्ट मोहर्रिर बीचबचाव में आयी तो उस पर कुर्सी से हमला कर दिया। मौके पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।
करीब दस माह पूर्व गौरीपुरा, ब्रह्मपुरी में महिला अधिवक्ता रुचि रस्तोगी पर कातिलाना हमले के मामले में एडीजे-2 राहुल कात्यायन ने हिमांशु सिंह पहाड़ी, निशांत सैनी, सागर वर्मा और सुमित गर्ग को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। एडीजे-2 सोमवार सुबह करीब 11 बजे न्यायालय में मौजूद थे। इस दौरान हिमांशु की बहन निशा उनसे मिलने उनके चैंबर में पहुंची। एडीजे ने जब उसका परिचय और आने का कारण पूछा तो आरोप है कि निशा ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
एडीजे से अपशब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगी। महिला ने तोड़फोड़ करते हुए टेबल पर रखा न्यायिक अधिकारी का मोबाइल फोन और गाड़ी की चाबी भी उठाकर फेंक दी। शोर सुनकर एडीजे के स्टेनो मनवीर सिंह, पेशकार अफसर खां अर्दली केहर सिह, एडीजीसी सिराजुद्दीन अलवी, कोर्ट मोहर्रिर योगेश कुमार, महिला कोर्ट मोहर्रिर अनीता काकरान चैंबर में पहुंचे। अनीता ने हमलावर निशा को पकड़ने की कोशिश की तो उसने अनीता पर कुर्सी तोड़कर हमला कर दिया, जिसमें वह चोटिल हो गई।
स्टेनो को भी धमकाया
इंस्पेक्टर सिविल लाइन एसके राणा ने बताया कि मनवीर सिंह की तरफ से आरोपी महिला के खिलाफ कातिलाना हमला, लोकसेवक पर हमला करने, चोट पहुंचाने, अपमान करना, जान से मारने की धमकी देना संबंधी धाराओं में केस दर्ज हुआ है। कचहरी स्थित तेरह न्यायालय भवन में हमलावर निशा सारी सुरक्षा पार कर न्यायिक अफसरों वाले रास्ते से एडीजे के चैंबर में पहुंची। इस तरह से अदालतों तक पहुंचना और निर्णय पारित होने के बाद कातिलाना हमला करने का प्रयास करना अपने में सुरक्षा में भारी लापरवाही है।
करीब छह साल पूर्व भी कोतवाली क्षेत्र के एक मामले में आरोपियों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया गया था। जिसको लेकर दोषी पक्ष की भीड़ ने अदालत में आगजनी और तोड़फोड़ कर दी थी। कुछ दिन तक पुलिस तैनात रही, फिर असुरक्षा का माहौल हो गया। सोमवार की घटना के दौरान भी कोर्ट से पांच कदम की दूरी पर तैनात पुलिस वालों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आरोपी निशा हंगामा करते हुए स्टेनो मनवीर सिंह के कार्यालय में भी घुसी थी। कहा कि मैं हिमांशु पहाड़ी की बहन हूं। उसके खिलाफ निर्णय को तुरंत बदल। स्टेनो ने समझाने की कोशिश की तो उसने कहा कि कैसे नहीं बदला जाता। आज निर्णय बदलवाकर ही जाऊंगी। धमकी दी कि यदि उसे किसी ने हाथ लगाया तो गंभीर परिणाम होंगे। वहां मौजूद लोगों ने बमुश्किल निशा को कमरे में बंद किया। पुलिस ने उसे आकर अपनी गिरफ्त में लिया।