नोटबंदी पर सरकार: पहली बार ईमानदारी को सम्मान और बेईमान को हुआ नुकसान
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संसद के शीतकालीन सत्र में नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के निशाने पर केंद्र सरकार रही। राज्यसभा में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर नोटबंदी को लेकर घोटाले का आरोप लगाया। वहीं मायावती ने भी प्रधानमंत्री पर भाजपा को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए जेपीसी की जांच की मांग की। माकपा सांसद सीताराम येचुरी ने सदन में 2000 का नोट लहराते हुए कहा कि पीएम कहते है कि क्रेडिट कार्ड से खाना खाये।
जदयू सांसद शरद यादव ने कहा कि गरीब का पेट 50 दिन इंतजार नहीं करेगा। वहीं सरकार ने पलटवार किया कि पहली बार ईमानदार को सम्मान और बेईमान को नुकसान हुआ है। तृणमूल कांग्रेस ने भी नोटबंदी के खिलाफ संसद से लेकर राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया।
पश्चिम बंगाल के तृणमूल सांसद के निधन होने की वजह से लोकसभा दिनभर के लिए स्थगित रही। मगर राज्यसभा हंगामेदार रही। सदन में बहस की शुरुआत में ही कांग्रेस और भाजपा में जमकर नोंक झोंक हुई। आनंद शर्मा ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी के इस फैसले से देश में नकद का संकट खड़ा हो गया है। खासकर छोटे दुकानदार, किसान और मजदूरों के लिए संकट बहुत बड़ा है। आनंद शर्मा ने कहा कि किसान धोती में क्रेडिट कार्ड नहीं रखता है।
सरकार ने सभी को अपराधी बना दिया। भारत को कालाबाजारियों का देश बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कह रहे है कि उनकी जान को खतरा है। सरकार को बताना चाहिए कि उन्हें किस संगठन, व्यक्ति से खतरा है। ये बहुत गंभीर बात है। शर्मा ने कहा कि 2000 का नया नोट रंग छोड़ता है। बचपन में चूरन की पुड़िया में ऐसा नोट मिलता था।
'पहली बार ईमानदारी को सम्मान और बेईमान को नुकसान हुआ है'
उन्होंने कहा कि सरकार को सबसे पहले काला धन रखने वालों की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए। नोटबंदी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी यूनियनों को फैसला लीक किया गया। अमर उजाला समेत कई अखबारों का नाम लेते हुए शर्मा ने कहा कि इन अखबारों में पहले ही नोटबंदी की खबर लीक हो गई थी। बैंक से कैस निकासी पर रोक क्यों है? नोटबंदी से बेटियों की शादियां तक रुकी हैं। गरीब की लाश अस्पतालों में फंसी है. बीजेपी ने घाव दिए और घाव पर नमक भी लगाया।
मजदूर, किसान नोटबंदी से बेकार हुए। क्या गाजीपुर की रैली का भुगतान क्रेडिट कार्ड से हुआ। एसबीआई को मार्च से नोट बंद होने की जानकारी थी। वहीं सरकार की ओर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पूरा देश पीएम के फैसले का स्वागत कर रहा है। कांग्रेस का अर्थशास्त्र कमजोर है. पहली बार ईमानदारी को सम्मान और बेईमान को नुकसान हुआ है।
आनंद शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि नोटबंदी की गोपनीयता से ही बेईमान आज तकलीफ में हैं। लोग जानते हैं कि पीएम का यह कदम देशहित में है। लोग कुछ दिन का कष्ट सहने को तैयार हैं। प्रधानमंत्री को यह कड़ा फैसला लेने का अधिकार है। पीयूष गोयल ने कहा कि अब बैंकों में लाइनें कम हो गई है। इसे लेकर विपक्ष ने बवाल मचाया।
विपक्ष ने कहा कि सरकार के मंत्रियों को आम आदमी के दर्द की जानकारी नहीं है। गोयल ने कहा कि अगर सभी लोग टैक्स अदा करेंगे तो ब्याज दरों में कमी आयेगी और महंगाई में भी गिरावअ आयेगी। काले धन की सूची सार्वजनिक करने को लेकर गोयल ने कहा कि सरकार ये सूची सुप्रीम कोर्ट को देगी। जनता के बीच सार्वजनिक कर वे काले धन रखने वालों को बचने का मौका नहीं देगी।