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ग्रामीण क्षेत्र में नकदी की समस्या पर सरकार बैंकों से नाराज
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Wed, 23 Nov 2016 04:18 AM IST
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- फोटो : Getty
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500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा के 14 दिन बाद भी ग्रामीण इलाकों में पर्याप्त नोट नहीं पहुंचने की वजह से सरकार ने बैंकों पर भौंहे तरेरी हैं। सरकार की नाराजगी के बाद अब बैंक गांवों में नकदी पहुंचाने के लिए नए सिरे से सक्रिय हो गये हैं और नई रणनीति बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि एक-आधे दिन में स्थिति ठीक हो जाएगी।
नोटबंदी के फैसले के बाद बीते सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। बताया जाता है कि इस दौरान नोटबंदी की वजह से गांव-देहात में हो रही अफरा-तफरी को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया था। उसके बाद जेटली ने कहा था कि रिजर्व बैंक को इस बारे में कहा गया है।
मंगलवार को भी कई सरकारी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने वित्त मंत्रालय पहुंच कर तैयारी का फीडबैक मंत्रालय को दिया। एक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वित्त मंत्रालय की नाराजगी का यथासंभव जवाब दिया गया। अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्याप्त नकदी पहुंचाने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि कल तक स्थिति सुधर जाएगी।
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दिल्ली मुख्यालय वाले एक बड़े बैंक में मंगलवार को भी नकदी कारोबार देखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की दिन भर बैठक चलती रही। इसके बाद रणनीति की जानकारी देने के लिए अधिकारी मंत्रालय भी पहुंचे।
बैंकों को नहीं मिल रही पर्याप्त नकदी
मुंबई मुख्यालय वाले निजी क्षेत्र के एक अग्रणी बैंक के अधिकारी ने कहा कि गांव हो या शहर, सब जगह नोट पहुंचाने के लिए बैंक प्रतिबद्घ हैं। लेकिन असली दिक्कत तो नकदी की है। रिजर्व बैंक से पर्याप्त नकदी मिल ही नहीं रही है। तभी तो शाखा में भी दिन में 12 बजे तक नकदी खत्म हो जा रही है। जहां तक एटीएम की बात है तो उसमें भी कुछ नोट भरे जा रहे है। एक अन्य सरकारी बैंक के अधिकारी ने माना कि नकदी का संकट ग्रामीण इलाकों में है लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है क्योंकि एटीएम नए नोटों के हिसाब से रिकैलिब्रेट किया जा रहा है।
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नोटबंदी के फैसले के बाद बीते सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी। बताया जाता है कि इस दौरान नोटबंदी की वजह से गांव-देहात में हो रही अफरा-तफरी को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा गया था। उसके बाद जेटली ने कहा था कि रिजर्व बैंक को इस बारे में कहा गया है।
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मंगलवार को भी कई सरकारी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने वित्त मंत्रालय पहुंच कर तैयारी का फीडबैक मंत्रालय को दिया। एक बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वित्त मंत्रालय की नाराजगी का यथासंभव जवाब दिया गया। अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्याप्त नकदी पहुंचाने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि कल तक स्थिति सुधर जाएगी।
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दिल्ली मुख्यालय वाले एक बड़े बैंक में मंगलवार को भी नकदी कारोबार देखने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की दिन भर बैठक चलती रही। इसके बाद रणनीति की जानकारी देने के लिए अधिकारी मंत्रालय भी पहुंचे।
बैंकों को नहीं मिल रही पर्याप्त नकदी
मुंबई मुख्यालय वाले निजी क्षेत्र के एक अग्रणी बैंक के अधिकारी ने कहा कि गांव हो या शहर, सब जगह नोट पहुंचाने के लिए बैंक प्रतिबद्घ हैं। लेकिन असली दिक्कत तो नकदी की है। रिजर्व बैंक से पर्याप्त नकदी मिल ही नहीं रही है। तभी तो शाखा में भी दिन में 12 बजे तक नकदी खत्म हो जा रही है। जहां तक एटीएम की बात है तो उसमें भी कुछ नोट भरे जा रहे है। एक अन्य सरकारी बैंक के अधिकारी ने माना कि नकदी का संकट ग्रामीण इलाकों में है लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है क्योंकि एटीएम नए नोटों के हिसाब से रिकैलिब्रेट किया जा रहा है।