फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   The future of 3000 Indian students in Iran is in jeopardy hopes are now with the government

अब सरकार से उम्मीद: ईरान में 3000 भारतीय मेडिकल छात्रों के भविष्य पर लटकी तलवार, युद्धविराम पर भरोसा नहीं

Thu, 09 Apr 2026 06:36 AM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shubham Kumar Updated Thu, 09 Apr 2026 06:36 AM IST
सार

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के संघर्ष ने तीन हजार भारतीय मेडिकल छात्रों की पढ़ाई चौपट कर दी है। छात्र कई बार रुके, हालात बिगड़े और अब उन्हें भरोसा नहीं कि ईरान में पढ़ाई पूरी कर पाएंगे। जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के फैजान नबी का कहना है कि जून 2025 से तीन बार पढ़ाई प्रभावित हो चुकी है।

विज्ञापन
The future of 3000 Indian students in Iran is in jeopardy hopes are now with the government
डॉक्टर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध का असर तीन हजार भारतीय छात्रों के भविष्य पर भी पड़ा है। छात्र मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य संवारने का सपना लेकर ईरान गए थे पर पिछले एक साल में उनकी तीन बार पढ़ाई प्रभावित हो चुकी है। पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात को देखते हुए उन्हें वापस जाकर अपनी मेडिकल पढ़ाई पूरी करने की संभावना कम ही दिख रही है। अब छात्रों को सरकार से राहत की उम्मीद है। छात्रों की मांग है कि सरकार इस मामले हस्तक्षेप करे और उन्हें किसी अन्य देश में मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने की अनुमति दिलवाए।

विज्ञापन


ईरान में जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के संयोजक और केरमन यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस में छात्र फैजान नबी ने बताया, इस युद्ध के बाद हालात बेहद खराब हो चुके हैं। सीजफायर की बात हुई है, लेकिन अब उन्हें भरोसा नहीं है। क्योंकि, जून 2025 से अब तक उनकी तीन बार पढ़ाई प्रभावित हुई है।
विज्ञापन


फरवरी में आ गए थे भारत
फरवरी में पहली एडवाइजरी जारी होते ही वे परीक्षा छोड़कर ईरान से भारत आ गए थे। लेकिन अप्रैल में नया सेमेस्टर शुरू होना था, लेकिन अब तक परीक्षा नहीं हो पाई है। पहले इंटरनेट चालू होने के कारण वे भारत में रहकर पढ़ाई कर पा रहे थे। लेकिन अब इंटरनेट पूरी तरह से बंद है, इस कारण उनकी ऑनलाइन कक्षाएं भी नहीं चल पा रही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीजफायर के बाद भी छात्रों में डर
जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया, इस युद्ध का असर ईरान में मेडिकल के तीन हजार भारतीय छात्रों पर पड़ा है। सीजफायर के बावजूद छात्रों में डर है। ईरान में कब क्या हो जाए, कहना मुश्किल होगा। ऐसे हालात में अब कोई अभिभावक अपने बच्चों  को फिलहाल वापस भेजने से डर रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed