फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   The former Olympian said, give Bharat Ratna to Dada Dhyan Chand

पूर्व ओलंपियन बोले, दादा ध्यानचंद को जल्द मिले भारतरत्न

Mon, 29 Aug 2016 04:15 AM IST
प्रमोद कुमार ‘कादिर’/अमर उजाला, आगरा
प्रमोद कुमार ‘कादिर’/अमर उजाला, आगरा Updated Mon, 29 Aug 2016 04:15 AM IST
विज्ञापन
The former Olympian said, give  Bharat Ratna to Dada Dhyan Chand

पूर्व ओलंपियन जगबीर सिंह का कहना है कि दादा ध्यानचंद को देश का सर्वोच्च सम्मान ‘भारत रत्न’  अविंलब दिया जाना चाहिए। यह ऐसा विषय है कि जिसमें ज्यादा संकोच और सोच-विचार करने की जरूरत ही नहीं है। वे कहते हैं कि यह कैसी विडंबना है कि जिन ध्यानचंद को पूरी दुनिया ने सिर-आंखों पर बैठाया, हॉकी में जिनकी जादूगरी के हिटलर जैसे लोग कायल रहे। सबसे खास बात कि उनके जैसा अद्भुत खिलाड़ी दूसरा पैदा नहीं हुआ। उन्हें भी हम भारत रत्न देने के लिए इतने दिन तक बस सोच-विचार तक ही सिमटे हैं। यह बड़ी ही विचित्र स्थिति है।

विज्ञापन


 पूर्व हॉकी कप्तान ने यह बेबाक राय खेल दिवस के मौके पर रविवार को दिल्ली में एयर इंडिया की क्रिकेट एकेडमी के शुभारंभ के बाद अमर उजाला से फोन पर हुई विशेष बातचीत के दौरान रखी। आगरा निवासी जगबीर सिंह कहते हैं कि हॉकी में जो मुकाम दादा ध्यानचंद का है कोई दूसरा उसके  आसपास भी नहीं है।
विज्ञापन


विश्व खेल जगत की एक महान शख्सियत जिसने पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया। ओलंपिक में उनका प्रदर्शन आज भी अविस्मरणीय है। पूरी दुनिया उनके खेल और देश के प्रति समर्पण भाव की कद्र करती है। लेकिन यह विडंबना है कि अपने देश में उन्हें ‘भारत रत्न’ देने के लिए भी खिलाड़ियों को आवाज उठाने को मजबूर होना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सौ कारण गिना सकता हूं कि क्यों मिले दादा को भारत रत्न

The former Olympian said, give  Bharat Ratna to Dada Dhyan Chand
भारत रत्न

जगबीर कहते हैं कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल की कितनी अहमियत है कि यह हम रियो में अपने प्रदर्शन से देख सकते हैं। स्थिति यह है कि आज चौथा नंबर पर आना भी कितना अहम हो गया है। जबकि एक समय था कि हॉकी में सुनहरी सफलता देशवासियों को अलग ही खुशी देती थी। जगबीर का कहना है कि मै सौ कारण गिना सकता हूं कि दादा को क्यों भारत रत्न दिया जाना चाहिए।

जबकि शायद देश में एक भी ऐसा व्यक्ति नहीं होगा जो इसके विपरीत कुछ कहे। उनका कहना है कि अब संकोच और सोच विचार छोड़कर सरकार को अविलंब दादा ध्यानचंद को भारत रत्न देने की घोषणा कर देनी चाहिए। क्योंकि यह याद रखना चाहिए कि जो लोग इतिहास की कद्र नहीं करता, इतिहास भी उसका सम्मान नहीं करता।

रियो में संतोषजनक रहा हॉकी टीम का प्रदर्शन
पूर्व ओलंपियन जगबीर सिंह का कहना है कि रियो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का प्रदर्शन संतोषजनक रहा। हालांकि वे मानते हैं कि टीम अच्छा खेली और इससे अच्छा कर सकती थी। वे कहते हैं किटीम इंडिया ने हालिया कई बड़े टूर्नामेंट या तो जीते हैं अथवा टॉप सिक्स में रही है। यह बड़ी उपलब्धि है। भारतीय हॉकी अब सही ट्रैक पर है। चीजें पटरी पर आ गई हैं।

खिलाड़ी और कोच के बीच अच्छा सामंजस्य देखने को मिल रहा है। वे कहते हैं कि रियो में कनाडा के खिलाफ आसान मुकाबला मानकर खेलना भारी पड़ा। इसका खामियाजा क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ भुगतना पड़ा। हालांकि वे यह भी कहते हैं कि जो चीजें बीते 40 वर्षों में नहीं हो सकीं वे एकदम से नहीं बदलेंगी लेकिन यह पक्का है कि खिलाड़ियों का विश्वास वापस आ गया है और इसके भविष्य में अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed