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सरकार से मुलाकात के बाद किसान बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं, तो तेज होगा आंदोलन
Sat, 14 Nov 2020 05:28 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 14 Nov 2020 05:28 AM IST
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दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसानों की हुई बैठक
- फोटो : twitter
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब के किसानों के साथ बैठक की। शुक्रवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद किसानों ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी तो उनका आंदोलन और तेज होगा।
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कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब के किसानों से मिले केंद्रीय मंत्री गोयल, तोमर
केंद्र के न्योते पर दिल्ली पहुंचे 30 से अधिक संगठनों के किसान नेता बैठक में शामिल हुए। किसान नेताओं ने सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने और आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की। पराली जलाने पर 5 साल तक की कैद और जुर्माने को भी वापस लिया जाए।
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पंजाब की आर्थिक नाकेबंदी खत्म करने और जेल में बंद किसान नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग भी किसानों ने सरकार के सामने रखी। किसानों ने कहा, पंजाब में माल ढुलाई वाली ट्रेनों को फिर से चलाया जाए। मालगाड़ियां नहीं चलने से पंजाब की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सितंबर में संसद से पास हुए तीन कृषि कानूनों का पंजाब, हरियाणा समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान विरोध कर रहे हैं।
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कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब में कई जगहों पर रेल रोको आंदोलन चल रहा है। इसके चलते केंद्र ने पंजाब में मालगाड़ियों के परिचालन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इसके विरोध में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 4 नवंबर को दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया था।
रुकने वाला नहीं हमारा आंदोलन
पंजाब किसान यूनियन के प्रमुख सुदर्शन सिंह ने कहा, हमने अपना पक्ष दोनों केंद्रीय मंत्रियों के सामने रख दिया है। नए कृषि कानून हमारे लिए घातक साबित होंगे। इसलिए इसे वापस लिया जाए। सरकार से अगली बात तभी होगी, जब हमारी मांगों पर सुनवाई होगी। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी, आंदोलन रुकने वाला नहीं है।
सरकार को उम्मीद बनेगी बात
बैठक से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा, सरकार किसानों से खुले दिल से बात करेगी और कृषि कानूनों को लेकर उनके संदेह को दूर करने का प्रयास करेगी। हमें आशा है वे जल्द ही अपने काम पर लौट जाएंगे और त्योहारी सीजन को अपने परिवार के साथ मनाएंगे। सरकार को उम्मीद है कि पंजाब के किसान कृषि कानूनों में सुधारों का स्वागत करेंगे और इसका लाभ उठाएंगे।