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कोरोना मरीज को अस्पताल ले जाने को नहीं मिला ड्राइवर तो डॉक्टर ने खुद चलाई एंबुलेंस
Sat, 29 Aug 2020 04:38 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 29 Aug 2020 04:38 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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डॉक्टरों को यूं ही नहीं भगवान कहा जाता है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले इन अग्रिम योद्धाओं की आए दिन कोई न कोई ऐसी कहानी सामने आ रही हैं जहां ये अपने फर्ज के आगे सब कुछ भूल जाते हैं। ऐसी ही एक कहानी देखने को मिली पुणे में। यहां एक तीस वर्षीय डॉक्टर रणजीत निकम ने गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग कोरोना मरीज को कोविड केयर सेंटर से अस्पताल पहुंचाया। इसमें खास यह रहा कि उन्होंने खुद एंबुलेंस चलाई।
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कोविड केयर सेंटर में बिगड़ी थी बुजुर्ग की हालत, एंबुलेंस ड्राइवर भी था बीमार
डॉ. निकम ने बताया कि एंबुलेंस का ड्राइवर अचानक बीमार पड़ गया और तत्काल उसकी जगह एंबुलेंस चलाने को कोई और मौजूद नहीं था ऐसे में उन्होंने एक दूसरे डॉक्टर राजेंद्र राजपुरोहित संग मरीज को तत्काल चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने का फैसला लिया। निकम ने तुरंत एंबुलेंस की स्टियरिंग संभाल ली और 71 वर्षीय मरीज को कोविड केयर सेंटर से अस्पताल पहुंचाया। दरअसल कोविड केयर सेंटर में मरीज उनकी ही निगरानी में था।
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उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह करीब 2 बजे मरीज की ऑक्सीजन का स्तर नीचे चले गया था। वरिष्ठ डॉक्टर से परामर्श के बाद मरीज को बड़े अस्पताल में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। लेकिन एक नई समस्या यह थी कि कुछ घंटे पहले ही ड्राइवर बीमार पड़ गया था और उसका इलाज चल रहा था। इस स्थिति में उससे एंबुुलेंस चलाने को नहीं कहा जा सकता था। 108 से मदद मांगने का प्रयास किया गया लेकिन वहां संपर्क नहीं हो सका।
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दूसरे ड्राइवर से भी संपर्क करने की कोशिश की गई पर उससे भी संपर्क न हो सका। मरीज की हालत बिगड़ती जा रही थी ऐसे में उन्होंने खुद एंबुलेंस चलाने का फैसला लिया। डॉ राजपुरोहित के साथ मिलकर उन्होंने मरीज को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। इससे पहले उन्होंने कई अस्पतालों के चक्कर लगाएं लेकिन कहीं भी आईसीयू में जगह नहीं मिली। मरीज की स्थिति अब स्थिर है ।