{"_id":"5c13729dbdec225a294d23ab","slug":"the-development-of-the-country-is-being-affected-by-discrimination-against-women-said-unicef","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं के खिलाफ होने वाले भेदभाव से प्रभावित हो रहा है देश का विकास : यूनीसेफ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
महिलाओं के खिलाफ होने वाले भेदभाव से प्रभावित हो रहा है देश का विकास : यूनीसेफ
भाषा, नई दिल्ली
Updated Fri, 14 Dec 2018 02:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूनिसेफ का मानना है कि भारत में महिलाओं के खिलाफ होने वाले भेदभाव से देश का विकास प्रभावित हो रहा है और इसके लिए देश में ’गहरी जड़ पकड़े सामाजिक मानकों’’ में सुधार करना होगा। उपकार्यकारी निदेशक उमर आब्दी ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘कुछ ऐसे सामाजिक मुद्दे हैं जिनका हल हमें शिक्षा और सरकारी नीतियों जैसे प्रत्यक्ष हस्तांरण योजना से निकालना होगा।
विज्ञापन
उन्होंने बिहार के पटना में चिल्ड्रन्स क्लीनिक का उदाहरण देते हुये कहा कि ऐसा पाया गया कि परिवार बालिकाओं को इलाज के लिये नहीं लाते हैं जो दर्शाता है कि उन्हें ‘वित्तीय बोझ’ मानने का मुद्दा है जिसकी वजह से माता-पिता उन्हें उपचार के लिये नहीं लाते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे पर शुरू से ही उसके विकास पर ध्यान देना होगा और यह लिंग आधारित भेदभाव को कम करने में मदद कर सकता है। इसे अर्ली चाइल्डहुड डेवलपमेंट (ईसीडी) भी कहा जाता है।
विज्ञापन
आब्दी ने कहा, ‘‘समाज में ऐसा कुछ भीतर तक पैठ बनाए हुए है जिसके कारण समाज लड़कों की तुलना में लड़कियों को कम तरजीह देता है और इससे बाहर निकलने में समय लगेगा। इसके लिए जरूरी है उनके मांबाप को ठीक से समझाया जाए।’’
विज्ञापन
उन्होंने कहा, ‘‘शुरूआती एक हजार दिन बच्चे के लिए बहुत जरूरी होते हैं, इससे न केवल उसकी उत्तरजीविता सुनिश्चित होती है बल्कि यह भी तय होता है कि बच्चे का संपूर्ण विकास हो सके, जिसमें न केवल उसका शारीरिक विकास शामिल है अपितु मानसिक विकास भी इससे गिना जाता है।’’ उन्होंने जोर देते हुये कहा कि ईसीडी कार्यक्रम को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मध्य प्रसारित करना होगा।