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यूपी में भाजपा के सहयोगी दलों से नहीं हुई बात, अपना दल (एस) ने टाली कार्यकारिणी की बैठक
Wed, 27 Feb 2019 11:57 PM IST
Avdhesh Kumar
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 27 Feb 2019 11:57 PM IST
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अमित शाह ने अनुप्रिया पटेल से की बात
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उत्तर प्रदेश में भाजपा की उसके सहयोगी दलों अपना दल (एस) और सुभासपा से सीटों के तालमेल पर बुधवार को प्रस्तावित बातचीत नहीं हो सकी। पाकिस्तान से भारत के तनावपूर्ण संबंधों के चलते भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और अपना दल (एस) नेता अनुप्रिया पटेल ने अपनी यह बैठक स्थिति सामान्य होने तक के लिए टाल दी है। इसी कारण से अपना दल (एस) ने लखनऊ में 28 फरवरी को होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी टाल दी है।
अपना दल (एस) ने भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई पर अपनी उपेक्षा करने का आरोप लगाया था। पार्टी ने भाजपा को 20 फरवरी तक अपने मुद्दे का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया था। पार्टी ने समाधान न मिलने पर अपनी अलग राह पकड़ने की धमकी तक दी थी। इसी बीच अपना दल (एस) नेता अनुप्रिया पटेल के कांग्रेस के संपर्क में होने की बात भी कही गई। पार्टी अध्यक्ष आशीष पटेल और अनुप्रिया पटेल ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी।
चुनाव के मौजूदा समीकरणों में भाजपा के किसी साथी का उससे दूर होना पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। यही कारण है कि पार्टी ने अपने सहयोगियों को मना लेने की बात कही थी। अनुप्रिया पटेल की अमित शाह की मुलाकात को इसी सिलसिले में देखा जा रहा था। माना जा रहा है कि अपना दल इस चुनाव में अपने लिए तीन सीटें मांग रही है। वर्ष 2014 में उसने दो सीटों से चुनाव लड़ा था। इसके पूर्व भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने भी अपनी नाराजगी जताई थी, लेकिन अंततः दोनों ने महाराष्ट्र में एक साथ चुनाव लड़ने पर सहमति जता दी।
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अपना दल (एस) ने भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई पर अपनी उपेक्षा करने का आरोप लगाया था। पार्टी ने भाजपा को 20 फरवरी तक अपने मुद्दे का समाधान करने का अल्टीमेटम दिया था। पार्टी ने समाधान न मिलने पर अपनी अलग राह पकड़ने की धमकी तक दी थी। इसी बीच अपना दल (एस) नेता अनुप्रिया पटेल के कांग्रेस के संपर्क में होने की बात भी कही गई। पार्टी अध्यक्ष आशीष पटेल और अनुप्रिया पटेल ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी।
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चुनाव के मौजूदा समीकरणों में भाजपा के किसी साथी का उससे दूर होना पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है। यही कारण है कि पार्टी ने अपने सहयोगियों को मना लेने की बात कही थी। अनुप्रिया पटेल की अमित शाह की मुलाकात को इसी सिलसिले में देखा जा रहा था। माना जा रहा है कि अपना दल इस चुनाव में अपने लिए तीन सीटें मांग रही है। वर्ष 2014 में उसने दो सीटों से चुनाव लड़ा था। इसके पूर्व भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने भी अपनी नाराजगी जताई थी, लेकिन अंततः दोनों ने महाराष्ट्र में एक साथ चुनाव लड़ने पर सहमति जता दी।
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