फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Terrorists who kidnapped the plane for the release of their own

खुद की रिहाई के लिए विमान का अपहरण कराने वाले ये आतंकी बने भस्मासुर...

Thu, 13 Jun 2019 09:27 PM IST
Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: Jitendra Bhardwaj Updated Thu, 13 Jun 2019 09:27 PM IST
विज्ञापन
Terrorists who kidnapped the plane for the release of their own
अल-उमर-मुजाहिदीन के प्रमुख मुश्ताक अहमद जरगर (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

यह अंदाजा उस वक्त किसी को भी नहीं रहा होगा कि ये दोनों आतंकी, जिसे भारत सरकार रिहा कर रही है, वे एक दिन भस्मासुर बन जाएंगे। खुद की रिहाई के लिए भारतीय विमान आईसी-814 का अपहरण कराने वाले ये आतंकी आज जम्मू-कश्मीर में एक के एक बड़े आतंकवादी हमलों को अंजाम दे रहे हैं। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर और अल-उमर-मुजाहिदीन के प्रमुख मुश्ताक अहमद जरगर, जिसे 'लटरम' भी कहा जाता है, पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में बैठकर आए दिन जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर हमला करा रहे हैं। 1999 से लेकर आज तक इन दोनों संगठनों के हमलों में सैंकड़ों जवान शहीद हो चुके हैं। इतना ही नहीं, स्थानीय नागरिकों को भी इनके हमलों का खामियाजा भुगतना पड़ा है।

विज्ञापन


बुधवार को श्रीनगर के अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के पांच जवान शहीद हो गए और कई घायल हैं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान के आतंकी संगठन अल-उमर-मुजाहिदीन ने ली है। आतंकी संगठन ने मुश्ताक जरगर को अपना सरगना बताया है। मुश्ताक के बारे में बता दें कि ये वही शख्स है, जिसे 1999 में इंडियन एयरलाइंस के विमान संख्या आईसी-814 के अपहृत यात्रियों को छोड़ने की एवज में रिहा कर दिया गया। उसके साथ ही जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर और शेख उमर को भी छोड़ा गया था। रिहाई के बाद इन आतंकियों ने पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में अपना मुख्यालय बना लिया। 
विज्ञापन


कहने को तो पाकिस्तान सरकार कई बार यह दावा कर चुकी है कि ये आतंकी कैद में हैं, लेकिन जांच एजेंसियों की मानें तो मसूद अजहर और मुश्ताक जरगर वहां खुलेआम घूमते हैं। आईएसआई के साथ मिलकर वे जम्मू-कश्मीर में आए दिन आतंकी हमले कराते रहते हैं। मसूद अजहर ने अपनी रिहाई के बाद अकेले जम्मू-कश्मीर में साढ़े तीन सौ से ज्यादा छोटे-बड़े आतंकी हमले, जिनमें फिदायीन अटैक भी शामिल है, कराए हैं। 2001 में संसद पर हुआ हमला, पठानकोट एयरबेस, उरी और पठानकोट में सीआरपीएफ काफिले पर हुए हमले के पीछे मसूद अजहर का हाथ बताया गया है। मुश्ताक जरगर ने 2016 में एसएसबी पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी। अब इस संगठन ने अनंतनाग में सीआरपीएफ पर हमले की बात स्वीकार की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

एनएसए द्वारा 2017 में पाकिस्तान को सौंपी गई 154 आतंकियों की सूची में टॉप पर था इनका नाम... 


दिसंबर-2017 में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत दोभाल ने अपने थाईलैंड दौरे में पाकिस्तान को 154 आतंकियों की सूची सौंपी थी। इनमें लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद, मसूद अजहर और मुश्ताक जरगर का नाम टॉप पर था। भारत ने इन आतंकियों द्वारा किए गए हमलों के सबूत भी पाकिस्तान को दिए थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि अब मुश्ताक जरगर आईएसआई का एक बड़ा मोहरा बन चुका है। इस संगठन के सदस्यों को हथियारों की ट्रेनिंग से लेकर दूसरी तरह की तमाम मदद आईएसआई से मिलती है। पाकिस्तान जब अंतरराष्ट्रीय मंचों से यह कहता है कि ये आतंकी कैद में हैं तो भारत की ओर से इनके खुले तौर पर घूमने और कश्मीर में कराए जा रहे हमलों के सबूत दे दिए जाते हैं।


 

गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद की बेटी रूबिया के अपहरण में मुश्ताक जरगर का हाथ था...

 

बता दें कि मुश्ताक जरगर जम्मू-कश्मीर में ही जन्मा है। अस्सी के दशक में वह 'जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट' के साथ जुड़ा था। उस दौरान अशफाक मजीद वानी इस संगठन को देख रहे थे। अशफाक की मौत के बाद वह पाकिस्तान पहुंच गया। वहां पर मुश्ताक जरगर ने अल-उमर-मुजाहिदीन नाम से एक नया संगठन खड़ा कर लिया। पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर 1989 में जब वह भारत आया तो उसने तत्कालीन गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया का अपहरण करा दिया। उसने रूबिया की रिहाई के बदले अपने पांच साथियों को छोड़ने की शर्त रखी, जिसे भारत सरकार ने मान लिया। 15 मई 1992 को जरगर पकड़ा गया। इसके बाद 1999 में उसके साथियों ने विमान का अपहरण कर जरगर और मसूद अजहर को भारतीय कैद से छुड़वा लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed