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टेरर फंडिंग मामला: ईडी का आरोप- पाकिस्तान उच्चायोग ने आतंकियों को पैसा पहुंचाया

Wed, 13 Mar 2019 09:47 AM IST
sapna singla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: sapna singla Updated Wed, 13 Mar 2019 09:47 AM IST
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terror funding in kashmir ED probing role of Pakistan High Commission in New Delhi
पाकिस्तान उच्चायोग - फोटो : Twitter
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में हुर्रियत नेताओं के जरिए आतंकी फंडिंग के आरोपों में कश्मीरी व्यवसायी जहूर अहमद शाह वटाली की एक करोड़ रुपये से अधिक की गुड़गांव की संपत्ति को कुर्क करने के बाद, एजेंसी आने वाले दिनों में छह करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क कर सकता है। 
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द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक एजेंसी ने अपनी जांच में पाया है कि कश्मीरी अलगाववादियों को कथित तौर पर भारत में अशांति फैलाने के लिए सीमा पार से कम से कम 7 करोड़ रुपये मिले हैं। इसे अपराध के जरिए कमाया हुआ धन करार देते हुए ईडी ने आरोप लगाया है कि इन पैसों को भारत में मौजूद रैकेट और पाकिस्तान उच्चायोग के जरिए बांटा गया था। 
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एजेंसी ने दावा किया है कि गुलाम मोहम्मद भट्ट के घर की तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों से इसकी पुष्टि की गई है। भट्ट ने वटाली के साथ बतौर कैशियर और अकाउंटेंट काम किया था। 
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द इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि तमाम कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान उच्चायोग तक उनकी प्रतिक्रिया के लिए नहीं पहुंचा जा सका।

पाकिस्तान उच्चायोग के प्रवक्ता ने भेजे गए एसएमएस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उच्चायोग के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है कि जिस नंबर पर एसएमएस भेजा गया वह पाकिस्तान उच्चायोग के प्रवक्ता का है। 

ईडी का मुकदमा लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के खिलाफ एनआईए द्वारा दायर एक चार्जशीट पर आधारित है। एजेंसी का आरोप है कि लश्कर और हिजबुल कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नेताओं के जरिए पैसे मुहैया कराता है। 

एनआईए ने मंगलवार को मीरवाइज उमर फारूक को दिल्ली में पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह "सुरक्षा को खतरा" का हवाला देते हुए पेश नहीं हुआ। 

इन-इन रास्तों से आतंकियों तक पहुंचा पैसा

terror funding in kashmir ED probing role of Pakistan High Commission in New Delhi
प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : enforcement directorate
ईडी ने एक बयान में दावा किया, “दस्तावेज से पता चलता है कि जहूर अहमद शाह वटाली हाफिज सईद से, आईएसआई से, नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग से और दुबई स्थित एक स्रोत से भी पैसे प्राप्त कर रहा था। इसके बाद वटाली इन पैसों को हुर्रियत नेताओं, अलगाववादियों और जम्मू-कश्मीर के पत्थरबाजों को बांटता था।"  

बयान मे यह भी बताया गया है कि वटाली इन दस्तावेज को अपने नियमित व्यापार में शामिल किए हुए था और इन पर उसके दस्तखत हैं। ईडी के बयान में कहा गया है कि “यह दस्तावेज स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि हुर्रियत नेता पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारियों और वटाली के जरिए पाकिस्तान से धन प्राप्त कर रहे थे।

वटाली के हस्ताक्षर को भी सत्यापित किया गया है। विशेषज्ञ की रिपोर्ट के मुताबिक दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर और उसके लिखावट के नमूने के साथ-साथ उसकी खुद की लिखावट एक जैसे हैं।" 

फिलहाल वटाली इस मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए गए अन्य नौ आरोपियों के समेत तिहाड़ जेल में है। 
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