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हिंसा के लिए दुरुपयोग होने पर अस्थायी तौर पर इंटरनेट सेवा बंद करना उचित : प्रसाद
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Fri, 20 Jan 2017 05:45 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
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सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कश्मीर में इंटरनेट की निर्बाध उपलब्धता का समर्थन किया है। साथ ही उन्होंने हिंसा और घृणा फैलाने में इंटरनेट अथवा सोशल मीडिया के दुरुपयोग के स्थिति में अस्थायी तौर पर सेवा बंद करने को भी उचित ठहराया।
प्रसाद ने बृहस्पतिवार को ‘रायसीना वार्ता सम्मेलन’ में कहा कि कई बार देखा जाता है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग हिंसा और घृणा फैलाने के लिए किया जाता है। ऐसी स्थिति में इंटरनेट सेवा पर अस्थायी तौर पर रोक लगाना सही है। साथ ही वह कश्मीर में इंटरनेट की निर्बाध उपलब्धता की मांग को भी जायज मानते हैं। प्रसाद से पूछा गया था कि जब देश डिजिटल हो रहा तो फिर कश्मीर में इंटरनेट सेवा पर साल में कई बार रोक क्यों लगाई जाती है।
सवाल पूछने वाले युवक ने मंत्री से जानना चाहा कि जब कश्मीर में आए दिन इंटरनेट सेवा बंद रहेगी तो फिर वहां डिजिटल लेन-देन कैसे होगा। प्रसाद से शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभालने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप के बारे में भी सवाल पूछे गए। मंत्री से पूछा गया कि ट्रंप के आने का प्रौद्योगिकी कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा। इसके जवाब में प्रसाद ने कहा कि वह निराशावादी बातें नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियां हर साल अमेरिकी सरकार को अरबों डॉलर का टैक्स देती हैं। इसके साथ ही वह बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराती हैं।
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प्रसाद ने बृहस्पतिवार को ‘रायसीना वार्ता सम्मेलन’ में कहा कि कई बार देखा जाता है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग हिंसा और घृणा फैलाने के लिए किया जाता है। ऐसी स्थिति में इंटरनेट सेवा पर अस्थायी तौर पर रोक लगाना सही है। साथ ही वह कश्मीर में इंटरनेट की निर्बाध उपलब्धता की मांग को भी जायज मानते हैं। प्रसाद से पूछा गया था कि जब देश डिजिटल हो रहा तो फिर कश्मीर में इंटरनेट सेवा पर साल में कई बार रोक क्यों लगाई जाती है।
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सवाल पूछने वाले युवक ने मंत्री से जानना चाहा कि जब कश्मीर में आए दिन इंटरनेट सेवा बंद रहेगी तो फिर वहां डिजिटल लेन-देन कैसे होगा। प्रसाद से शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभालने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप के बारे में भी सवाल पूछे गए। मंत्री से पूछा गया कि ट्रंप के आने का प्रौद्योगिकी कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा। इसके जवाब में प्रसाद ने कहा कि वह निराशावादी बातें नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनियां हर साल अमेरिकी सरकार को अरबों डॉलर का टैक्स देती हैं। इसके साथ ही वह बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराती हैं।
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