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Telangana: हैदराबाद में निर्माणाधीन सात मंजिला इमारत गिरी, दो लोगों की मौत; अंजय्या नगर हादसे में दो घायल
Sat, 22 Aug 2026 10:39 PM IST
Pavan
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: Pavan
Updated Sat, 22 Aug 2026 10:39 PM IST
सार
साइबराबाद नगर निगम की आयुक्त जी. श्रीजना ने बताया कि जिस इमारत के गिरने से हादसा हुआ, उसे करीब चार महीने पहले जब्त किया गया था। इसके बावजूद शुक्रवार को यहां दोबारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की ओर से आगे की कार्रवाई की जाती, उससे पहले ही शनिवार को इमारत ढह गई।
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हैदराबाद में बड़ा हादसा
- फोटो : ANI
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विस्तार
हैदराबाद के गच्चीबौली इलाके में शनिवार दोपहर एक निर्माणाधीन सात मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं। हादसा दोपहर करीब एक बजे अंजय्या नगर में हुआ। सूचना मिलते ही दमकल और बचाव दल मौके पर पहुंचा और मलबे में दबे लोगों की तलाश शुरू की। दमकल विभाग के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान मलबे से दो शव बरामद किए गए। राहत और बचाव कार्य में विक्टिम लोकेशन कैमरा समेत आधुनिक उपकरणों की मदद ली गई। पुलिस ने बताया कि मृतक मध्य प्रदेश के रहने वाले थे और निर्माणाधीन इमारत में टाइल लगाने का काम कर रहे थे।
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आसपास की इमारतों को भी नुकसान
इमारत गिरने के बाद उसका मलबा आसपास की अपार्टमेंट इमारतों पर जा गिरा। इससे कुछ फ्लैट क्षतिग्रस्त हो गए और दो लोग घायल हो गए। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इमारतों को हुए नुकसान के बाद कुछ लोगों को अपने घर खाली करने पड़े। क्षेत्रीय दमकल अधिकारी सुधाकर राव ने बताया कि आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें रात में इन इमारतों के अंदर नहीं रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि 23 अगस्त को नगर निगम के अधिकारी इमारतों की मजबूती की जांच करेंगे। जांच में सुरक्षित पाए जाने के बाद ही लोगों को दोबारा वहां रहने की अनुमति दी जाएगी।
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नाले के पास और नियमों के उल्लंघन का आरोप
हैदराबाद डिजास्टर रिस्पांस एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी के आयुक्त एवी रंगनाथ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ढही इमारत में सात मंजिलों के अलावा एक पेंटहाउस भी था। यह करीब 50 से 60 वर्ग गज के छोटे से भूखंड पर बनाई जा रही थी। रंगनाथ के मुताबिक, यह इमारत और आसपास की कुछ अन्य इमारतें नाले के पास बनाई गई थीं। इन निर्माणों में जरूरी सेटबैक समेत कई नियमों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि एजेंसी और साइबराबाद नगर निगम (सीएमसी) मिलकर नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई ऐसी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिराया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई इमारतों को खाली करने की अपील की। रंगनाथ ने कहा कि ऐसी कई इमारतें बेहद छोटे भूखंडों पर बनाई गई हैं, जिनमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।
चार महीने पहले सील हुई थी इमारत
नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए ऐसे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक, इमारत के मालिक पर इसी तरह के अन्य निर्माण कराने की भी जानकारी मिली है। इनमें आईटी कर्मचारियों और अन्य लोगों के लिए बनाए गए व्यावसायिक हॉस्टल भी शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसी अब मालिक की भूमिका की जांच करेगा और नगर निगम के साथ मिलकर नियमों के खिलाफ बने अन्य निर्माणों पर भी कार्रवाई करेगा।
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तेज आवाज के बाद मची अफरा-तफरी
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोपहर के समय अचानक तेज आवाज सुनाई दी। जब लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो निर्माणाधीन इमारत पूरी तरह ढह चुकी थी। इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने इस मामले में प्लॉट मालिक और भवन ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण में नियमों के उल्लंघन और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी।
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आसपास की इमारतों को भी नुकसान
इमारत गिरने के बाद उसका मलबा आसपास की अपार्टमेंट इमारतों पर जा गिरा। इससे कुछ फ्लैट क्षतिग्रस्त हो गए और दो लोग घायल हो गए। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इमारतों को हुए नुकसान के बाद कुछ लोगों को अपने घर खाली करने पड़े। क्षेत्रीय दमकल अधिकारी सुधाकर राव ने बताया कि आसपास की इमारतों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें रात में इन इमारतों के अंदर नहीं रहने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि 23 अगस्त को नगर निगम के अधिकारी इमारतों की मजबूती की जांच करेंगे। जांच में सुरक्षित पाए जाने के बाद ही लोगों को दोबारा वहां रहने की अनुमति दी जाएगी।
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नाले के पास और नियमों के उल्लंघन का आरोप
हैदराबाद डिजास्टर रिस्पांस एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी के आयुक्त एवी रंगनाथ ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि ढही इमारत में सात मंजिलों के अलावा एक पेंटहाउस भी था। यह करीब 50 से 60 वर्ग गज के छोटे से भूखंड पर बनाई जा रही थी। रंगनाथ के मुताबिक, यह इमारत और आसपास की कुछ अन्य इमारतें नाले के पास बनाई गई थीं। इन निर्माणों में जरूरी सेटबैक समेत कई नियमों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि एजेंसी और साइबराबाद नगर निगम (सीएमसी) मिलकर नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई ऐसी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिराया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई इमारतों को खाली करने की अपील की। रंगनाथ ने कहा कि ऐसी कई इमारतें बेहद छोटे भूखंडों पर बनाई गई हैं, जिनमें सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।
चार महीने पहले सील हुई थी इमारत
नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए ऐसे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक, इमारत के मालिक पर इसी तरह के अन्य निर्माण कराने की भी जानकारी मिली है। इनमें आईटी कर्मचारियों और अन्य लोगों के लिए बनाए गए व्यावसायिक हॉस्टल भी शामिल बताए जा रहे हैं। एजेंसी अब मालिक की भूमिका की जांच करेगा और नगर निगम के साथ मिलकर नियमों के खिलाफ बने अन्य निर्माणों पर भी कार्रवाई करेगा।
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तेज आवाज के बाद मची अफरा-तफरी
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोपहर के समय अचानक तेज आवाज सुनाई दी। जब लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो निर्माणाधीन इमारत पूरी तरह ढह चुकी थी। इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने इस मामले में प्लॉट मालिक और भवन ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण में नियमों के उल्लंघन और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी।