नतीजों से पहले तेलंगाना में सियासी हलचल तेज, चंद्रशेखर राव से मिले ओवैसी
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AIMIM Chief Asaduddin Owaisi: KCR will become CM and form government without any support but we stand with him. We’ve made no demands, we’re standing with him not only for a prosperous Telangana but also for nation building. #TelanganaElections2018 pic.twitter.com/sW5JwOJrsI
— ANI (@ANI) December 10, 2018
बता दें कि दोनों पार्टियों ने यहां अलग-अलग चुनाव लड़ा है, लेकिन अंदरखाने दोनों के बीच दोस्ताना रिश्ता रहा है।
इससे पहले आज ओवैसी ने कहा था कि वह सोमवार को केसीआर (राव) से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्र निर्माण के एक बड़े लक्ष्य की ओर हमारा पहला कदम है। हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने ट्वीट किया, ‘मैं आज अपराह्र तेलंगाना के कार्यवाहक और अगले मुख्यमंत्री, केसीआर साहब से मुलाकात करूंगा। इंशाअल्लाह वह अपने बलबूते ही सरकार बनाएंगे और मजलिस उनके साथ खड़ी रहेगी। यह राष्ट्र निर्माण के एक बड़े लक्ष्य की ओर हमारा पहला कदम है।AIMIM Chief Asaduddin Owaisi will meet caretaker Telangana Chief Minister K Chandrasekhar Rao at 1.30 pm today. (file pics) pic.twitter.com/wMGKFJgLLl
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 10, 2018
कांग्रेस ने बनाई यह रणनीति
वहीं, इसी तरह की एक और सियासी हलचल में तेलंगाना कांग्रेस के नेता जीएन रेड्डी ने कहा कि हम अपने सहयोगी दलों के साथ राज्यपाल से मुलाकात करने जा रहे हैं। उन्हें बताएंगे कि हमारा गठबंधन चुनाव से पहले हुआ है और मंगलवार को जैसा भी नतीजा आए हमारे गठबंधन को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में पहचाना जाए। अगर गठबंधन को बहुमत मिलता है तो राज्यपाल को सबसे पहले हमें मौका देना चाहिए।GN Reddy, Telangana Pradesh Congress Committee:We're meeting Guv with our alliance partners stating that we've pre-poll alliance&tomorrow after results,whatever no.of seats we win he has to treat it as single party. If we get majority, he has to give 1st chance to us to form govt pic.twitter.com/1uYsxt57Wq
— ANI (@ANI) December 10, 2018
टीआरएस ने इस बार अकेले ही चुनाव लड़ा और उसके सामने कांग्रेस की अगुवाई वाला गठबंधन था। इसमें तेलुगू देशम पार्टी और वामदल शामिल हैं। वहीं, ओवैसी ने सिर्फ हैदराबाद में ही अपने उम्मीदवार उतारे जहां उनका खासा प्रभाव है।
बता दें कि 11 दिसंबर को तेलंगाना सहित 5 राज्यों के चुनाव नतीजे आने हैं। तमाम एग्जिट पोल में टीआरएस को बहुमत मिलता दिख रहा है। के सी राव अकेले दम पर ही सरकार बना सकते हैं। रविवार को सियासी हलचल बढ़ाते हुए भाजपा ने टीआरएस को सशर्त समर्थन की पेशकश की थी।
भाजपा के तेलंगाना अध्यक्ष के. लक्ष्मण ने कहा था कि किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में भाजपा टीआरएस का समर्थन करेगी। उन्होंने कहा कि टीआरएस को यह साफ करना होगा कि वह कांग्रेस या ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का समर्थन नहीं लेगी। दिलचस्प है कि केसीआर और ओवैसी आधिकारिक रूप से साथ नहीं है मगर चुनाव से पहले सार्वजनिक तौर पर दोस्ती की बात स्वीकार कर चुके हैं।