{"_id":"5b3abee64f1c1b38358b457b","slug":"tejas-takes-charge-of-the-air-border-security-during-the-war","type":"story","status":"publish","title_hn":"युद्धकाल में हवाई सीमा की सुरक्षा के लिए तेजस ने संभाली कमान, दुश्मनों का कांपना तय","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
युद्धकाल में हवाई सीमा की सुरक्षा के लिए तेजस ने संभाली कमान, दुश्मनों का कांपना तय
एजेंसी, चेन्नई
Updated Tue, 03 Jul 2018 05:40 AM IST
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भारत का स्वदेशी निर्मित हल्का, लड़ाकू विमान तेजस ने सोमवार से तमिलनाडु के सुलुर वायुसेना स्टेशन से अपना संचालन शुरू कर दिया। यह अपनी श्रेणी में सबसे छोटा, हल्का और बहुउद्देशीय सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है। भारतीय वायुसेना में इसे दो साल पहले शामिल किया गया था।
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एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 45 स्क्वैड्रन के ‘फ्लाइंग डैगर्स’ का हिस्सा इस विमान ने एक समारोह के दौरान अपना संचालन की शुरू किया। इस समारोह में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (दक्षिणी एयर कमांड) आरकेएस भदौरिया शामिल हुए थे।
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केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित दक्षिणी वायुसेना कमान को इस लड़ाकू विमान को ‘कांसेप्ट ऑफ ऑपरेशन’ में शामिल करने की जिम्मेदारी दी गई है। वे इसे नेविगेनशन प्रणाली वाले उपग्रह से सुसज्जित करेंगे।
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एकल इंजन और बिना पूंछ वाला यह विमान वायुसेना और नौसेना की विभिन्न जरूरतों को पूरा करेगा।
बता दें कि विमान में एक डिजिटल कंप्यूटर आधारित हमला प्रणाली और ऑटोपायलट मोड है। यह हवा से हवा में मिसाइल को मार गिराने के साथ बम और लक्ष्यभेदी हथियारों को ले जा सकती है। तेजस की तैनाती के साथ ‘फ्लाइंग डैगर्स’ देश के आसमान की युद्धकाल में सुरक्षा करने में योगदान देंगे।