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तमिलनाडु : टेस्ट में फेल हुई गर्भवती महिला का कांस्टेबल पद पर चयन करने का आदेश
Sun, 20 Jan 2019 02:24 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sun, 20 Jan 2019 02:24 AM IST
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मद्रास हाईकोर्ट की पीठ ने ग्रेड 2 कांस्टेबल के चयन प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाली गर्भवती महिला के हक में फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर महिला ने दौड़ में प्वाइंट 30 सेकंड का अतिरिक्त समय लिया तो उसे नगण्य माना जाना चाहिए और उसका चयन होना चाहिए। जस्टिस एस विमला ने आर देविका की याचिका पर फैसला देते हुए कहा कि नियमों के मुताबिक, याचिकाकर्ता को 100 मीटर की दौड़ 17.50 सेकंड में पूरी करनी थी, लेकिन उन्होंने 17.80 सेकंड का समय लिया और उन्हें टेस्ट में असफल घोषित किया गया, यह आपत्तिजनक था।
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कोर्ट ने कहा कि गर्भवती होने के बावजूद याचिकाकर्ता ने दौड़ में हिस्सा लिया जो उनकी हिम्मत को दर्शाता है। अगर कोई और होता तो गर्भपात के डर से शामिल ही नहीं होता। यह देखते हुए चयन के लिए पूरी घटना को ध्यान में रखना चाहिए, न केवल एक पहलू को। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता गर्भावस्था के पांचवें या छठे महीने में होगी, तमिलनाडु यूनिफॉर्मड सर्विसेज रिक्रूटमेंट बोर्ड को निर्देश दिया जाता है कि वह ग्रेड-2 पुलिस कांस्टेबल या ग्रेड-2 जेल वार्डन के तौर पर याचिकाकर्ता का चयन करे।
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