शशिकला को जेलः अब राज्यपाल के पास हैं ये चार विकल्प
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सुप्रीम कोर्ट ने अन्नाद्रमुक प्रमुख वीके शशिकला के तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने का सपना चकनाचूर कर दिया है। शीर्ष अदालत ने उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जयललिता के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और साजिश करने का दोषी मानते हुए चार साल की कैद की सजा के अलावा अगले दस वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है और तत्काल समर्पण करने का आदेश जारी किया।
शशिकला के दोषी पाए जाने के तुरंत बाद AIADMK विधायकों की चेन्नई के गोल्डन बे रिजॉर्ट में बैठक हुई। शशिकला खेमे ने ईके पलानीस्वामी को अपना नया नेता चुना। शशिकला के बाद AIADMK विधायक दल के नेता चुने गए ईके पलानीस्वामी 124 विधायकों की लिस्ट के साथ गवर्नर सी. विद्यासागर राव से मिले।
उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया तो वहीं दूसरी ओर, पन्नीरसेल्वम के सपोर्टर सांसद-विधायकों ने भी गवर्नर से मुलाकात की। तमिलनाडु की राजनीति में काफी उठापठक के बाद सभी की निगाहें गवर्नर सी. विद्यासागर राव पर टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो गवर्नर के पास चार विकल्प हैं।
'राज्यपाल DMK से कर सकते हैं बात'
पहला- फ्लोर टेस्ट
गवर्नर सी. विद्यासागर राव से पास फ्लोर टेस्ट का विकल्प है। इसके तहत राज्यपाल दोनों पक्षों को सदन में शक्ति परीक्ष के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। यदि राज्यपाल फ्लोर टेस्ट के लिए आमंत्रित करते हैं तो पलानीस्वमी और पन्नीरसेल्वम को सदन में अपना बहुमत साबित करना होगा।
दूसरा- किसी एक को दिला सकते हैं सीएम पद की शपथ
राज्यपाल दोनों पक्षों में से किसी एक को सीएम पद की शपथ दिला सकते हैं। हालांकि सीएम चुने गए पक्ष को एक सप्ताह के अंदर अपना बहुमत साबित करना होगा।
तीसरा- राज्यपाल DMK से कर सकते हैं हैं बात
राज्यपाल मुख्य विपक्षी पार्टी DMK से सरकार गठन की संभावना के बारे में पूछ सकते हैं। राज्यपाल DMK से पूछ सकते हैं कि क्या सरकार का गठन करने में उनकी कोई इच्छा है। यदि है तो बहुमत सिद्ध करें।
चौथा- राष्ट्रपति शासन
चौथा और अंतिम विकल्प राष्ट्रपति शासन का बचता है। दोनों पक्षों द्वारा बहुमत सिद्ध न होते देख राज्यपाल विधानसभा को भंग रख राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं।
हालांकि यह सब राज्यपाल पर निर्भर करता है कि वह किसे सरकार गठन के लिए आमंत्रित करते हैं।