तमिल सितारों ने की राजीव के हत्यारों की रिहाई की मांग
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तमिलनाडु के फिल्मी सितारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक अनूठा कदम उठाते हुए राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई की मांग की है। शनिवार को शहर में एक जुलूस निकालकर इन लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या के 7 दोषियों को जेल से रिहा करने की मांग की। हालांकि इन दोषियों की रिहार्ह की मांग पिछले काफी समय से उठ रही है, लेकिन इसे 11 जून को गति मिली। क्योंकि 11 जून को 7 दोषियों में से सबसे कम उम्र के पेरारिवलन की गिरफ्तारी के 25 साल पूरे हुए हैं। 11 जून, 1991 को जब उसकी गिरफ्तारी हुई थी तब वह 19 साल का था।
पेरारिवलन की मां 69 वर्षीय अरपुथम्मल की अगुवाई में इस जुलूस में शीर्ष तमिल अभिनेता नाजर और साथियाराज आदि शामिल हुए। इसके अलावा इस जुलूस में पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और पट्टाली मक्कल काची के नेता अंबूमणि रामदॉस सहित तमिल राष्ट्रवादी समूह के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। इन लोगों ने बाद में सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री जयललिता को सभी सातों दोषियों को रिहा करने के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा।
राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई का मुद्दा 2014 लोकसभा चुनाव के समय भी उठा था। 19 फरवरी 2014 को जयललिता ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार ने सभी सातों दोषियों को रिहा करने का फैसला लिया है और इस बाबत उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर उस दिशा में कार्यवाही की मांग की थी। तब मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली केंद्र की कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर तमिलनाडु सरकार के फैसले पर स्थगन आदेश ले लिया था। बाद में उस मामले को न्यायमूर्ति एच एल दत्तू की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ को सौंप दिया गया था।
संवैधानिक पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा था कि राज्य सरकार को राजीव के हत्यारे को रिहा करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि मामले की जांच सीबीआई कर रही थी।
संवैधानिक पीठ ने हालांकि यह फैसला सुनाया कि संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्यपाल को मिली शक्ति के तहत वह किसी भी अभियुक्त को कभी भी रिहा कर सकता है। अब उसी का हवाला देते हुए तमिल स्टारों ने जयललिता से राजीव के हत्यारों की रिहाई की मांग की है।