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तमिलनाडु: जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगा नाबालिग ने दी थी जान, मद्रास हाईकोर्ट ने वीडियो बनाने वाले को जांच के लिए बुलाया
Mon, 24 Jan 2022 08:10 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मदुरै
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 24 Jan 2022 08:10 PM IST
सार
कोर्ट में नाबालिग लड़की के पिता ने सीबीसीआईडी जांच के लिए याचिका लगाई थी। मामले की सुनवाई जस्टिस जीआर स्वामीनाथन की तरफ से की जा रही है।
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मद्रास हाईकोर्ट
विस्तार
तमिलनाडु के तंजावुर में एक नाबालिग लड़की के कथित जबरन धर्म परिवर्तन के बाद आत्महत्या के मामले में मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने उस लड़के को पूछताछ के लिए बुलाया है, जिसने नाबालिग का आरोप लगाने वाला वीडियो शूट किया था। बेंच ने कहा कि लड़के को अपना मोबाइल फोन भी कल तक कोर्ट को सौंपना होगा।
गौरतलब है कि कोर्ट में नाबालिग लड़की के पिता ने सीबीसीआईडी जांच के लिए याचिका लगाई थी। मामले की सुनवाई जस्टिस जीआर स्वामीनाथन की तरफ से की जा रही है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उनका बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास निर्देश के तहत रिकॉर्ड कर लिया गया है। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने याचिकाकर्ता का बयान पढ़ने के बाद वीडियो की प्रमाणिकता को लेकर सवाल उठाए।
इन सवालों के जवाब में राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने 37 गवाहों की सूची तैयार की है और अब तक 14 लोगों से पूछताछ की है। लेकिन जिस मोबाइल से लड़की के आरोप लगाने का वीडियो रिकॉर्ड हुआ था, उसकी सत्यता परखने के लिए मोबाइल की जरूरत होगी।
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सरकारी वकील ने कोर्ट से मामले में विस्तृत रिपोर्ट फाइल करने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है। इसके बाद जज ने आदेश दिया कि आत्महत्या करने वाली लड़की के माता-पिता कल जांच के लिए मौजूद रहें और जांच करने वाले अफसर को निर्देश दिया कि वह रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस विभाग को सौंपें। इस वीडियो की प्रमाणिकता से जुड़ी रिपोर्ट कोर्ट को 27 जनवरी तक मिल जानी चाहिए, जिसके बाद अदालत में 2
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गौरतलब है कि कोर्ट में नाबालिग लड़की के पिता ने सीबीसीआईडी जांच के लिए याचिका लगाई थी। मामले की सुनवाई जस्टिस जीआर स्वामीनाथन की तरफ से की जा रही है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि उनका बयान न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास निर्देश के तहत रिकॉर्ड कर लिया गया है। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने याचिकाकर्ता का बयान पढ़ने के बाद वीडियो की प्रमाणिकता को लेकर सवाल उठाए।
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इन सवालों के जवाब में राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने 37 गवाहों की सूची तैयार की है और अब तक 14 लोगों से पूछताछ की है। लेकिन जिस मोबाइल से लड़की के आरोप लगाने का वीडियो रिकॉर्ड हुआ था, उसकी सत्यता परखने के लिए मोबाइल की जरूरत होगी।
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सरकारी वकील ने कोर्ट से मामले में विस्तृत रिपोर्ट फाइल करने के लिए एक हफ्ते का समय मांगा है। इसके बाद जज ने आदेश दिया कि आत्महत्या करने वाली लड़की के माता-पिता कल जांच के लिए मौजूद रहें और जांच करने वाले अफसर को निर्देश दिया कि वह रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल को जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस विभाग को सौंपें। इस वीडियो की प्रमाणिकता से जुड़ी रिपोर्ट कोर्ट को 27 जनवरी तक मिल जानी चाहिए, जिसके बाद अदालत में 2