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तमिलनाडु सरकार ने हाईकोर्ट को बताया, कभी गर्भवती नहीं थीं जयललिता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Updated Wed, 25 Jul 2018 09:40 AM IST
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तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट से कहा है कि राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जयललिता अपने जीवन काल में कभी गर्भवती नहीं थी। इसके साथ ही सरकार ने कोर्ट को 1980 को दशक के कुछ वीडियो क्लिप भी दिए। बता दें यह वही मामला है जिसमें अमृता नाम की एक महिला जयललिता की बेटी होने का दावा कर रही है।
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तमिलनाडु के वकील जनरल विजय नारायण ने बंगलूरू की रहने वाली अमृता द्वारा दायर मामले में बयान देते हुए कहा कि अमृता नाम की वह महिला एआईएडीएमके (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) पार्टी की नेता रही जयललिता की संपत्ति लेना चाहती है। उन्होंने याचिकाकर्ता से ये सवाल भी किया कि उसने जयललिता के साथ कभी कोई फोटो क्यों नहीं लिया।
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नारायण ने जस्टिस एस वैद्यनाथ को साल 1980 के वीडियो क्लिप सौंपते हुए कहा कि अमृता दावा करती है कि उसका जन्म अगस्त 1980 को हुआ था। लेकिन सरकार की तरफ से सौंपी गई ये वीडियो क्लिप उसके जन्म के एक महीने पहले की हैं और एक पुरस्कार वितरण समारोह की हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट देख सकता है कि उस समारोह में जयललिता के गर्भावस्था के कोई संकेत नहीं हैं।
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उन्होंने आगे कहा कि अगर जरूरत पड़े तो जयललिता के रिश्तेदारों के डीएनए से भी अमृता के डीएनए की जांच करवाई जा सकती है। जस्टिस वैद्यनाथ ने अागे की सुनवाई अगले हफ्ते करने के लिए कह दिया। जानकारी के मुताबिक याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि वह और उसका परिवार जयललिता का दोबारा अंतिम संस्कार करना चाहते हैं क्योंकि जयललिता ब्राह्मण थी। उसने शव को जहां दफनाया था वहां से निकालने की भी मांग की।
गौरतलब है कि जयललिता का एक लंबी बीमारी के बाद 68 वर्ष की आयु में 5 दिसंबर 2016 को चेन्नई में निधन हो गया था। इसके बाद उन्हें मरीना बीच पर दफनाया गया। राजनीति में आने से पहले वह एक सफल अभिनेत्री थीं। जिसके बाद उन्होंने राजनीति की दुनिया में कदम रखा। इससे पहले अमृता ने सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले में याचिका दायर की थी जिसे 27 नवंबर 2017 को खारिज कर दिया गया। इसके बाद उसने हाई कोर्ट का रुख किया।