तमिलनाडु सत्ता संघर्ष: पनीरसेल्वम बोले- 129 विधायकों को मुक्त किया जाए
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तमिलनाडु के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने रविवार को कहा कि एक निजी रिसॉर्ट में रह रहे 129 विधायकों को मुक्त किया जाए ताकि वे अपने संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों की जनता से मिल सके और जनता की भावना के अनुरूप अपना रुख तय कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि शशिकला घड़ियाली आंसू बहा रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि विधायक उनके कब्जे में हैं।
रविवार को कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम को पांच और सांसदों का समर्थन मिल जाने से उनका खेमा और मजबूत हो गया। अब उनके समर्थन में आए सांसदों की संख्या बढ़कर 11 बताई जा रही है। कई अभिनेताओं और स्टार प्रचारकों ने भी पनीरसेल्वम को अपना समर्थन दे दिया है। इनमें जयललिता के वफादार रामराजन, थियागू, अभिनेता-निर्देशक एवं पूर्व विधायक अरूणपांडियन शामिल हैं।
पार्टी के चार लोकसभा सांसदों जयसिंह त्यागराज नटर्जी (तूतिकोरिन), सेंगूट्टूवन (वेल्लोर), आर पी मरूथाराजा (पेरंबलूर) और एस राजेंद्रन (विल्लूपुरम) ने रविवार सुबह पनीरसेल्वम से उनके ग्रीनवेज रोड स्थित आवास पर मुलाकात की। राज्यसभा के सांसद आर लक्ष्मणन भी पनीरसेल्वम के खेमे में शामिल हो गए हैं। पनीरसेल्वम ने अन्नाद्रमुक की महासचिव वीके शशिकला के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया है। लोकसभा में पार्टी के 37 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं।
कई अभिनेताओं और स्टार प्रचारकों ने भी दिया कार्यवाहक मुख्यमंत्री को समर्थन
इसी बीच, शशिकला ने लक्ष्मणन को विल्लुपुरम (उत्तर) के जिला सचिव पद से हटाकर उनके स्थान पर कानून मंत्री सीवी षणमुगम को सचिव बना दिया है। पनीरसेल्वम की बगावत के बाद राज्यसभा में अन्नाद्रमुक के सांसद वी मैत्रेयन उन्हें समर्थन देने वाले पहले सांसद थे। पार्टी के चार लोकसभा सांसदों पीआर सुंदरम, के अशोक कुमार, वी सत्यभामा और वनरोजा शनिवार को ही मुख्यमंत्री के खेमे में आ गए थे।
नीरसेल्वम के पास उनके अलावा अन्नाद्रमुक के पांच विधायकों का भी समर्थन है। तमिलनाडु की 235 सदस्यीय विधानसभा में अन्नाद्रमुक के 135 विधायक हैं। इनमें एक विधायक नामित है। पूर्व विधायक बादेर सईद और मुतुसेल्वी ने भी रविवार को पनीरसेल्वम को अपना समर्थन दे दिया।