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Tamil Nadu: पुलिस हिरासत में मंदिर गार्ड की मौत पर सियासत; अन्नाद्रमुक ने की जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
Mon, 30 Jun 2025 01:36 AM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: शिव शुक्ला
Updated Mon, 30 Jun 2025 01:36 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में एक मंदिर के सुरक्षा गार्ड अजीत कुमार (28) की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। मामला चोरी के एक केस से जुड़ी पूछताछ के दौरान हुआ बताया जा रहा है। मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए गहन जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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दरअसल, गार्ड अजीत कुमार की 28 जून को तिरुबुवनम पुलिस स्टेशन में हिरासत में मौत हो गई। एक श्रद्धालु की कार के अंदर से सोना और कुछ नकदी गायब होने की जांच के सिलसिले में उसे पुलिस स्टेशन ले जाया गया था। श्रद्धालु ने अजीत से गाड़ी पार्क करने का अनुरोध किया था, और क्योंकि वह गाड़ी चलाना नहीं जानता था, इसलिए उसने किसी अन्य व्यक्ति से गाड़ी पार्क करने का अनुरोध किया। इस सिलसिले में छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अजीत अस्थायी गार्ड के रूप में काम करता था।
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उधर, अन्नाद्रमुक महासचिव ए. पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने प्रत्यक्ष नियंत्रण वाले पुलिस विभाग को भी संभालने में नाकामयाब रहे हैं। उन्होंने जिला जज की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर पूर्ण जांच कराने और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की। सत्तारूढ़ दल द्रमुक के सहयोगी सीपीआई(एम) ने भी जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। पार्टी ने मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी और पर्याप्त मुआवजा देने की भी मांग की।
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तमिलनाडु भाजपा ने आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार राज्य को हिरासत में मौतों की जमीन बना रही है। उनके शासन में हिरासत में 24 मौतें हो चुकी हैं। पुलिस ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। पीएमके के शीर्ष नेता अंबुमणि रामदास ने द्रमुक शासन के दौरान पिछले चार वर्षों में हिरासत में हुई 28 मौतें होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों का इससे बदतर उल्लंघन नहीं हो सकता।