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SIR: 'एसआईआर के नाम से घबरा क्यों रही है डीएमके?' एआईएडीएमके महासचिव पलानीस्वामी ने उठाए सवाल

Mon, 10 Nov 2025 01:13 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 10 Nov 2025 01:13 PM IST
सार

डीएमके पर निशाना साधते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि 'डीएमके और इसकी सहयोगी पार्टियां एसआईआर का नाम लेते ही घबरा क्यों जाती हैं? क्या वे नहीं चाहते कि मतदाता सूची की खामियां दूर हों?' 

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Tamil nadu aiadmk asks Why is DMK panicking at SIR spreading false campaign k palaniswami
एमके स्टालिन, ई. पलानीस्वामी - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके के महासचिव ई पलानीस्वामी ने सवाल उठाए हैं कि सत्ताधारी डीएमके एसआईआर के नाम पर घबरा क्यों रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल झूठ बोलकर एसआईआर को लेकर भ्रम फैला रहा है। डीएमके का कहना है कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए एक महीने का समय पर्याप्त नहीं है। इस पर पलानीस्वामी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए एक महीने का समय काफी है। 
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पलानीस्वामी बोले- एसआईआर के लिए एक महीने का समय पर्याप्त
मीडिया से बात करते हुए एआईएडीएमके महासचिव और पूर्व सीएम ई पलानीस्वामी ने कहा कि 'बूथ स्तर के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में आठ दिनों में 300 घर कवर कर सकते हैं। ऐसे में ये कहना कि एसआईआर प्रक्रिया के लिए एक महीने का समय काफी नहीं है, ये सही नहीं है।' डीएमके पर निशाना साधते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि 'डीएमके और इसकी सहयोगी पार्टियां एसआईआर का नाम लेते ही घबरा क्यों जाती हैं? क्या वे नहीं चाहते कि मतदाता सूची की खामियां दूर हों?' 
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पलानीस्वामी ने बताया क्यों जरूरी है एसआईआर
पलानीस्वामी ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण जरूरी है ताकि पलायन कर चुके या फिर मर चुके लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें। अगर डीएमके इन सभी लोगों के नाम मतदाता सूची में रखना चाहती है तो इससे ये ही लगेगा की वे फर्जी मतदान को बढ़ावा दे रहे हैं। मतदाता सूची में योग्य मतदाताओं के नाम ही शामिल होने चाहिए। पलानीस्वामी ने राज्य में डीजीपी की नियुक्ति न होने पर भी सवाल उठाए और कहा कि डीजीपी की गैरमौजूदगी में राज्य की कानून व्यवस्था बनाए रखने में परेशानी हो रही है। 
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